नारीत्व के सार का आनंद लेते हुए दुनिया भर में 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इस उत्सव के साथ, दिल्ली रेडियो सिटी की आरजे दिव्या ने अपने एक हफ्ते के लंबे शो ‘शीरोज’ सीजन 2 के माध्यम से, उन महिलाओं की जिंदादिली की कहानियों को साझा किया, जिन्होंने अपने क्षेत्र में तमाम बाधाओं को झेलते हुए सफलता हासिल की।

‘शीरोज’ के दूसरे सीजन के दौरान रेडियो सिटी की आरजे दिव्या ने पांच प्रेरणादायक महिलाओं से बात की, जिन्होंने खुद को साबित किया और कई लोगों के लिए मिसाल बनीं। पेशेवर किकबॉक्सिंग, एमएमए और वुशू खिलाड़ी तेंजिन पेमा उन्हीं सफल महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने देश का प्रतिनिधित्व किया है और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में रूस की खिलाड़ी को हराकर रजत पदक जीता है। सात साल की उम्र में अपने माता-पिता को खोने के बाद भी तेंजिन ने न केवल अपनी शिक्षा पूरी की, बल्कि होटल और अखबार उद्योग में भी काम किया और सभी बाधाओं से लड़कर एक विजेता के रूप में उभरीं।

इसके अलावा आरजे दिव्या ने कैप्टन शालिनी की कहानी को भी साझा किया, जो मेजर अविनाश की पत्नी हैं और जिन्होंने अपने पति की शहादत के एक साल से भी कम समय में सेना को जॉइन किया। शो में हिजाबी बाइकर के नाम से मशहूर रौशनी मिस्बाह को भी सराहा गया, जो दुनिया की सबसे भारी मोटरसाइकिलों की सवारी करती हैं।

एक आकर्षक कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़कर राजस्थान की सोडा गांव की महिला सरपंच छवि राजावत ने अपने पैतृक गांव के लोगों की सेवा करने का फैसला किया। उनके इस फैसले के लिए आज भी लोग उनकी प्रशंसा करते हैं। शो के आखिरी दिन, आरजे दिव्या ने एसिड अटैक सर्वाइवर, लक्ष्मी अग्रवाल की कहानी को सामने लाया, जिन्होंने 15 साल की उम्र में नियति को बदलने का फैसला किया और आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।

लेखक- शक्ति सिंह 

Posted By: Tilak Raj

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