भारत में हमेशा से ही मासिक-धर्म जैसे मुद्दों पर बात करना शर्म की बात मानी जाती रही है। सालों से महिलाएं अखबार में छुपाकर, काली पॉलीथिन में रखकर सेनेटरी पैड प्रयोग करती आई हैं। गांव में स्थिति तो और भी खराब है। वहां महिलाएं शर्म के चलते दुकान जाकर सेनेटरी पैड खरीदने में झिझकती हैं और कपड़े का इस्तेमाल करती हैं, जिससे कई तरह के इन्फेक्शन का खतरा रहता है।

हालांकि समय बदला और अलग-अलग माध्यम के जरिए इस सामाजिक टैबू को तोड़ने के लिए अभियान चलाए गए। मासिक-धर्म स्वच्छता महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है, इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारत के प्रमुख रेडियो नेटवर्क रेडियो सिटी ने दिल्ली में “पैड यात्रा” अभियान की शुरुआत की, ताकि छात्राओं और वंचित महिलाओं के बीच मासिक धर्म को लेकर स्वच्छता बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके।

सितंबर संस्करण को विस्तार देते हुए पांच-दिवसीय ऑन-एयर अभियान की शुरुआत 1 फरवरी, 2019 को की गई। इस अभियान का नेतृत्व आरजे दिव्या ने अपने रोज आने वाला मिड मॉर्निंग शो “मां बहन का शो” से किया, जो सुबह 11 से दोपहर 2:00 बजे तक आता है। इस दौरान सच्ची सहेली की संस्थापिका डॉ. सुरभि ने “पैड फेस्ट” के माध्यम से युवाओं में जागरुकता फैलाने की पहल की।

आरजे दिव्या ने अभियान के अंतिम चरण का समापन दिल्ली के कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में “सच्ची सहेली” एनजीओ द्वारा आयोजित एक भव्य “पीरियड फेस्ट” के साथ किया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री, श्री मनीष सिसोदिया ने भी इस कदम का समर्थन किया और 65 स्कूलों के छात्रों की सराहना की, जो इस रैली में शामिल हुए थे। 

रेडियो सिटी का उद्देश्य इस अभियान के जरिए महिलाओं के जीवन में होने वाली इस कुदरती प्रक्रिया को समाज में स्वीकार्यता दिलाना है। वह हमेशा ही ऐसे अभियान से समाज को कुछ न कुछ सिखाता ही रहा है और भविष्य में भी पैड यात्रा जैसे अभियानों के साथ, रेडियो सिटी सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए रेडियो की शक्ति के द्वारा समाज को लाभ पहुंचाता रहेगा।

लेखक - शक्ति सिंह

 

Posted By: Mangal Yadav