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उत्तर कोरिया का 90 फीसद निर्यात प्रतिबंधित, तेल आयात की सीमा घटी

Publish Date:Tue, 12 Sep 2017 04:44 PM (IST) | Updated Date:Tue, 12 Sep 2017 04:44 PM (IST)
उत्तर कोरिया का 90 फीसद निर्यात प्रतिबंधित, तेल आयात की सीमा घटीउत्तर कोरिया का 90 फीसद निर्यात प्रतिबंधित, तेल आयात की सीमा घटी
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत निक्की हेली ने कहा, 'परमाणु हथियारों से लैस उत्तर कोरिया को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र, प्रेट्र। दुनिया भर की चेतावनियों से बेपरवाह रहे उत्तर कोरिया की लगाम संयुक्त राष्ट्र ने कस दी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंधों पर मुहर लगा दी है। इसके तहत कपड़े के निर्यात पर प्रतिबंध के साथ तेल आयात की सीमा तय कर दी गई है। साथ ही उत्तर कोरियाई नागरिकों को किसी और देश में नौकरी नहीं मिल सकेगी।

उत्तर कोरियाई सेना की संपत्ति(उत्तर कोरिया के बाहर) भी जब्त की जाएगी। उत्तर कोरिया से आने और जाने वाले जहाजों की बिना बल प्रयोग के जांच की जा सकेगी। यह उत्तर कोरिया पर 2006 के बाद से लगाया गया नौवां प्रतिबंध है। उत्तर कोरियाई तानाशाह ने हाल ही में शक्तिशाली हाइड्रोजन परीक्षण का दावा किया था। माना जा रहा है कि यूएन के कड़े प्रतिबंधों से उत्तर कोरिया को मिल रहे चीन व रूसी समर्थन को भी झटका लगेगा। हालांकि अमेरिका ने अब भी बातचीत के दरवाजे खुले रखे हैं।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत निक्की हेली ने कहा, 'परमाणु हथियारों से लैस उत्तर कोरिया को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। हम प्रतिबंधों को और सख्त कर आनंदित नहीं हैं। हम जंग नहीं चाहते हैं। उत्तर कोरियाई शासन ने अभी उस बिंदु को पार नहीं किया है जहां से वापस नहीं आया जा सके।' कपड़ों के निर्यात पर प्रतिबंध से उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है। उत्तर कोरिया कोयला व अन्य खनिज पदार्थो के बाद से सबसे ज्यादा निर्यात कपड़े का ही करता था। इस निर्यात का भी 80 फीसद हिस्सा चीन को जाता था।

संयुक्त राष्ट्र ने इसके पूर्व पांच अगस्त को कोयला, लोहा, लौह अयस्क से लेकर समुद्री खाद्य पदार्थो के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस तरह उत्तर कोरिया से निर्यात होने वाली 90 प्रतिशत वस्तुएं प्रतिबंध के दायरे में आ गई हैं। वहीं तेल की आपूर्ति में 30 फीसद तक की कटौती हो जाएगी। उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार बनाने में तेल की अहम भूमिका है। यूएन के प्रतिबंध प्राकृतिक गैस और तेल के अन्य सह उत्पादों पर पूरी तरह रोक लगाते हैं जिनका इस्तेमाल पेट्रोलियम ईधन के घटने की स्थिति में विकल्प के तौर पर किया जा सकता है।

रूस-चीन के कारण नहीं लग सका तेल निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध

अमेरिका ने उत्तर कोरिया के लिए ऐसा प्रस्ताव तैयार किया था कि अगर इसपर पूरी तरह अमल हो जाता तो उत्तर कोरियाई जनजीवन ठहर जाता। अमेरिका चाहता था कि विश्र्व का कोई भी देश उत्तर कोरिया को तेल निर्यात नहीं करे। उत्तर कोरिया के तेल आयात करने पर प्रतिबंध लगा दिया जाए। बताया जाता है कि चीन और रूस के विरोध के कारण ऐसा नहीं हो सका। अमेरिका उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के विदेश दौरों पर रोक के साथ उनकी संपत्ति जब्ती के भी पक्ष में था।

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Web Title:North Koreas 90 percent export ban(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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