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  • पाकिस्तान की राजधानी ढाका की बजाय कराची और फिर इस्लामाबाद क्यों बनाई गई

    • Published onMon Jul 17 15:59:22 IST 2017

    • last update onMon Jul 17 15:59:22 IST 2017

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    14 अगस्त, 1947 को भारत का बंटवारा हुआ और पाकिस्तान अलग देश बन गया। पाकिस्तान के पहले गवर्नर जनरल के रूप में ढाका में जिन्ना ने 21 मार्च, 1948 को रेसकोर्स मैदान में एक सार्वजिनक सभा को संबोधित किया। जिन्ना ने घोषणा कर दी कि पाकिस्तान की राष्ट्रभाषा उर्दू ही रहेगी। उन्होंने कहा कि 'सिर्फ उर्दू ही पाकिस्तान की राष्ट्रभाषा रहेगी। जो इससे अलग सोचते हैं वे मुसलमानों के लिए बने मुल्क के शत्रु हैं।' पाकिस्तान के पूर्वी हिस्से में जनता में गुस्से की लहर दौड़ गई। जिनकी मातृभाषा बंगला थी, वे जिन्ना के आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने पृथक मुस्लिम राष्ट्र का हिस्सा बनने का तो फैसला किया था, पर वे अपनी बंगला संस्कृति से दूर जाने के लिए तैयार नहीं थे। वहां की जनता बंगला को उर्दू के बराबर दर्जा ना दिए जाने से नाराज थी।

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