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शायरा बानो बनीं देश की मुस्लिम महिलाओं की आवाज

Publish Date:Fri, 19 May 2017 10:20 AM (IST) | Updated Date:Sat, 20 May 2017 05:01 AM (IST)
शायरा बानो बनीं देश की मुस्लिम महिलाओं की आवाजशायरा बानो बनीं देश की मुस्लिम महिलाओं की आवाज
तीन तलाक के खिलाफ काशीपुर की महिला शायरा बानो मुस्लिम महिलाओं के लिए संघर्ष की आवाज बनीं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली पहली महिला हैं।

काशीपुर, उधमसिंहनगर [जेएनएन]: तीन तलाक के खिलाफ काशीपुर की महिला शायरा बानो मुस्लिम महिलाओं के लिए संघर्ष की आवाज बनीं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली पहली महिला हैं। गुरुवार को सुनवाई के बाद अब बानो को फैसले का इंतजार है। 

काशीपुर निवासी इकबाल अहमद की पुत्री शायरा बानो का इलाहाबाद निवासी एक युवक के साथ अप्रैल 2002 में निकाह हुआ था। निकाह के कुछ साल बाद उनका दहेज को लेकर उत्पीड़न होने लगा। इसके बाद उनके पति ने डाक के जरिये तीन तलाक दे दिया। 

इस पर शायरा बानो ने तीन तलाक के खिलाफ 23 फरवरी 2016 को सुप्रीम कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। बानो ने  बताया कि महिलाओं के हक के लिए उन्हें तीन तलाक के खिलाफ कोर्ट में जाना पड़ा था। इसका सुकून है कि अब मुस्लिम समाज की उत्पीडि़त महिलाएं भी अपने हक के लिए आगे आने लगी हैं। 

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Web Title:Shayara Banu become voice of Muslim women in country(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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