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गौरैया का भविष्य संवार रहा है यह शिक्षक

Publish Date:Mon, 20 Mar 2017 02:37 PM (IST) | Updated Date:Tue, 21 Mar 2017 05:04 AM (IST)
गौरैया का भविष्य संवार रहा है यह शिक्षकगौरैया का भविष्य संवार रहा है यह शिक्षक
कोटद्वार में शिक्षक दिनेश चंद्र कुकरेती गौरैया का जीवन बचाने में तन, मन, धन से जुटे हुए हैं। दिनेश ने जहां अपने पूरे आवास को गौरैया का निवास बना दिया है

कोटद्वार, [जेएनएन]: भौतिक संसाधनों की आदि हो चुकी मानव जीवन शैली के बदलाव का ही परिणाम कहें कि घर-आंगन में फुदकने वाली जिस 'गौरैया' ने पक्षी विशेषज्ञ डॉ. सलीम अली की जीवन धारा ही बदल डाली, आज वही गौरैया विलुप्ति के कगार पर है।
शिक्षक दिनेश चंद्र कुकरेती गौरैया का जीवन बचाने में तन, मन, धन से जुटे हुए हैं। दिनेश ने जहां अपने पूरे आवास को गौरैया का निवास बना दिया है, वहीं कोटद्वार व आसपास के क्षेत्रों में गौरैया संरक्षण के लिए व्यापक मुहिम छेड़े हुए हैं। स्वयं के खर्च से वह स्वयं प्लाईवुड से 'गौरैया हाउस' बनाकर लोगों को बांट रहे हैं। इन 'गौरैया हाउस' में गौरैया न सिर्फ बच्चों को जन्म दे रही हैं, बल्कि यहां से कई बच्चे उड़ान भरना भी सीखते हैं।
मुहिम ला रही दिनेश की मुहिम 
गौरैया को बचाने के लिए बातें भले ही बड़ी-बड़ी होती हों, लेकिन जमीन हकीकत पूरी तरह उलट। इन दावों से इतर एक शिक्षक ऐसे भी हैं, जो पिछले कई वर्षों से गौरैया को बचाने के लिए प्रयासरत हैं। प्रखंड रिखणीखाल के अंतर्गत राइंका द्वारी (पैनो) में गणित विषय के सहायक अध्यापक दिनेश चंद्र कुकरेती पिछले करीब दो दशक से गौरैया संरक्षण की दिशा में प्रयासरत हैं। गौरैया को बचाने के लिए वर्ष 1997 में सर्वप्रथम उन्होंने अपने ग्राम नंदपुर स्थित आवास में तीन सुराख किए थे। सुराखों में गौरैया ने वासस्थल बनाया तो श्री कुकरेती को अपना प्रयास सफल होता दिखा व मकान में सुराखों की तादाद बढ़ती गई।
यह है वर्तमान स्थिति 
शिक्षक दिनेश कुकरेती ने अपने मकान में दो दर्जन से अधिक सुराख किए हुए हैं। इतना ही नहीं, वे प्लाइवुड से गौरैया के लिए डिब्बे (गौरैया हाउस) बनाकर घर व आसपास के क्षेत्रों में लगाते हैं। वर्तमान में उन्होंने 50 डिब्बे घर में व 30 डिब्बे घर के आसपास के क्षेत्रों में लगाए हुए हैं, जिनमें वर्तमान में गौरैया के 80 जोड़े वास कर रहे हैं। साथ ही पूरे क्षेत्र में 5000 से अधिक 'गौरेया हाउस' वितरित भी किए हैं। उन्होंने दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ व देहरादून में अपने रिश्तेदारों के घरों में भी गौरैया हाउस लगाए हैं।

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Web Title:This teacher is making future of sparrow(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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