सुलह-समझौते से निपटे 7701 मुकदमे

Publish Date:Sun, 17 Sep 2017 11:12 PM (IST) | Updated Date:Sun, 17 Sep 2017 11:12 PM (IST)
सुलह-समझौते से निपटे 7701 मुकदमेसुलह-समझौते से निपटे 7701 मुकदमे
सुलतानपुर : जिले में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रविवार को कीर्तिमान स्थापित किया। 7701 मु

सुलतानपुर : जिले में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रविवार को कीर्तिमान स्थापित किया। 7701 मुकदमें सुलह-समझौतों के जरिए निपटाए गए। लाखों रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। जबकि मोटर दुर्घटना के मामलों में 9 करोड़ 52 लाख रुपये की धनराशि मुआवजे के तौर पर पीड़ितों को दिलाई गई। वहीं 13 जोड़ों को सुलह समझौते से एक साथ रहने का राजी किया गया।

जिला न्यायाधीश प्रमोद कुमार पंचम की अध्यक्षता व नोडल अधिकारी अभय कृष्ण तिवारी की देखरेख में शहर के दीवानी न्यायालय, कादीपुर व मुसाफिरखाना तहसील मुख्यालयों पर राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरुआत सुबह दस बजे हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव विजय कुमार के संयोजन में मुकदमों को निपटारा शुरू हुआ। जिला न्यायाधीश ने सोलह मुकदमे निपटाए, जिसमें क्लेम पेटीशन के मामलों में कुल 42 लाख रुपये की धनराशि पीड़ित परिवारों को भुगतान कराई गई। एडीजे श्यामजीत यादव ने 125, उत्कर्ष चतुर्वेदी ने 32, जेएम अब्बासी ने 19, परिवार न्यायालय के न्यायाधीश आनंद प्रकाश द्वारा 55, एडीजे वीके ¨सह, नासिर अहमद, अनिल यादव, अजय दीक्षित व अभय कृष्ण आदि ने भी 500 से ज्यादा मुकदमे निपटाए। सीजेएम वीके आजाद ने 1371, सिविल जज विजय कुमार ने 21, एसीजेएम प्रभानाथ त्रिपाठी 395 व अनिल सेठ ने 103, राहुल प्रकाश ने 171, अनुराग कुरील ने 259, पूनम ने 245, मनीष निगम ने 201, न्यायिक मजिस्ट्रेट सर्वोत्तमा नागेश शर्मा ने 132, सिविल जज आभा पाल ने 8, अपर सिविल जज भगवान दास गुप्ता ने 96, राजबाबू ने 118, अरुण यादव ने 8 मुकदमे निपटाए। बैंकों से संबंधित 260 मुकदमों में 2 करोड़ 90 लाख 67 हजार 271 रुपये से समझौता कर वाद निस्तारित किए गए। आपस में रूठे हुए 13 जोड़े साथ-साथ रहने के लिए राजी खुशी विदा किए गए।

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.जब गैर युवती को पत्नी बता पेश किया अदालत में

अपर जिला न्यायाधीश अभय कृष्ण तिवारी की अदालत में पीपरपुर निवासी योगेश चंद्र ओझा व किरन मिश्रा का विवाह विच्छेद का प्रकरण चल ही रहा था तभी असली किरन मिश्रा निवासी पट्टी प्रतापगढ़ अदालत में पहुंच गई। उसने बताया कि पति योगेश ओझा ने फर्जी तरीके से विवाह विच्छेद कराने के उद्देश्य से वाराणसी निवासी सुमिता मिश्रा को अदालत में किरन बताकर पेश कर दिया है। इससे न्यायिक अधिकारी और वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। प्रकरण की शुरुआती छानबीन में इसकी पुष्टि भी हुई। तीनों पक्षों के बयान दर्ज कराए गए और चार अक्टूबर को अदालत ने पुन: सभी पक्षकारों को अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

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बैंक प्रबंधकों से भिड़े अधिवक्ता

अपर जिला न्यायाधीश अजय कुमार दीक्षित की अदालत में कटका ग्रामीण बैंक के प्रबंधक सीएल गुप्ता व क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात प्रबंधक हरि प्रकाश से एक फाइल को लेकर अधिवक्ता श्रवण पाठक की नोंकझोंक हो गई। आरोप है कि उनके सहयोगियों ने न्यायालय के बाहर बरामदे में दोनों प्रबंधकों के साथ अभद्रता व मारपीट की। प्रकरण जिला न्यायाधीश तक पहुंचा तो उन्होंने दोनेां पक्षों को बुलाकर मामला रफादफा कराया। इस वजह से करीब घंटे भर तक लोक अदालत में बैंक कर्मी कामकाज नहीं कर सके।

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