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'चीनी मिलों पर ब्याजमाफी का आदेश वापस ले सरकार'

Publish Date:Sat, 05 Nov 2016 11:54 PM (IST) | Updated Date:Sat, 05 Nov 2016 11:54 PM (IST)
'चीनी मिलों पर ब्याजमाफी का आदेश वापस ले सरकार'
शामली : सोने की चिड़िया फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित किसानों की सभा में सरकार द्वारा मिलों के ब्य

शामली : सोने की चिड़िया फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित किसानों की सभा में सरकार द्वारा मिलों के ब्याज माफ करने पर रोष व्यक्त किया गया। किसानों का बकाया भुगतान अभी तक नहीं मिलने पर आक्रोश जताते हुए वक्ताओं ने मिलों की ब्याजमाफी वापस लेने की मांग की।

शनिवार को चौ. चरण ¨सह स्मृति भवन में सोने की चिड़िया फेडरेशन के मुख्य संयोजक आलोक कुमार ने कहा कि किसानों का मिलों पर देय ब्याज 1180 करोड़ रुपये है, जिसे प्रदेश सरकार ने माफ कर दिया। गन्ना नियंत्रण अधिनियम 1966 के तहत यदि गन्ने के भुगतान में 14 दिनों से अधिक देरी होती है गन्ना मिलों द्वारा 15 प्रतिशत ब्याज देने का प्रावधान है। प्रदेश सरकार ने बिना किसानों से मशवरा किए किसानों को दिया जाने वाले ब्याज 1180 करोड़ रुपये माफ कर दिया। मिलों पर दरियादिली दिखाई गई, जबकि किसानों को अंगूठा दिखा दिया गया।

नरवाल खाप के राष्ट्रीय महामंत्री सतपाल पहलवान ने कहा कि किसान परेशान हैं। बकाया भुगतान नहीं होने से किसान बेटियों की शादी नहीं कर पा रहे हैं। कईयों के बच्चों का नाम स्कूल से काट दिया गया है। कइयों के यहां भोजन तक का इंतजाम नहीं है। वक्ताओं ने बकाया भुगतान जल्द कराने एवं मिलों की ब्याजमाफी पर रोक लगाने की मांग की है। इस अवसर पर अखिल उप्र जाट महासभा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर निर्वाल, कवंरपाल मालेंडी, ऋषिराज राझड़, देशराज भनेड़ा, राजेंद्र ¨सह, मैनपाल ¨सह चौहान आदि मौजूद रहे।

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    Web Title:(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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