Move to Jagran APP

नेहा का हत्यारोपी प्रेमी वसीम गिरफ्तार

By Edited By: Published: Fri, 25 Apr 2014 01:32 AM (IST)Updated: Fri, 25 Apr 2014 01:32 AM (IST)
नेहा का हत्यारोपी प्रेमी वसीम गिरफ्तार

मेरठ : सप्ताहभर से महानगर की सनसनी बने नेहा के कत्ल में उसके हत्यारोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वसीम के कब्जे से हत्या में प्रयोग किए तमंचे और स्कूटी को बरामद कर लिया। पकड़े गए वसीम ने साफ कह दिया कि दूसरे प्रेमी का हाथ थामने पर ही उसने नेहा को मौत के घाट उतारा था। कई बार नेहा को समझाने और पिटाई करने पर भी वह नहीं मानी।

loksabha election banner

गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन में एसएसपी ओंकार सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि देहलीगेट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने इंद्रा चौक से नेहा हत्याकांड के मुख्य आरोपी वसीम इलाही उर्फ अली निवासी इमलियान को शाम चार बजे गिरफ्तार कर लिया। वसीम कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था। वसीम के कब्जे से पुलिस ने हत्या में प्रयोग किए तमंचे और स्कूटी को बरामद कर लिया। इसी स्कूटी पर नेहा को मोती महल होटल से जिमखाना मैदान तक ले जाया गया था। एसएसपी के मुताबिक, नेहा उर्फ सना निवासी 210 भूड़ भारत विजय नगर, गाजियाबाद पति से रिश्ता तोड़कर वसीम से मोहब्बत करने लगी थी। वसीम ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि नेहा उसे दरकिनार कर सोती गंज के रहने वाले बिलाल से बातें करने लगी थी। बिलाल भी मेरा दोस्त था, जिसकी मुलाकात मैंने ही नेहा से करा दी थी। नेहा को काफी समझाने की कोशिश की गई। एक बार होटल में उसकी पिटाई भी की, उसकी मां को भी बताया गया। इसके बाद भी उसने बिलाल से बात करना नहीं छोड़ा। इसी से गुस्से में आकर नेहा को कॉल कर शादी करने का झांसा देकर बुलाया गया। दो से नौ बजे तक होटल में रखने के बाद जिमखाना मैदान में लाकर उसकी हत्या कर दी। वहां से वह अपने मामा के पास मोदीनगर चला गया। विवाद को बढ़ता देख गुरुवार को अदालत में सरेंडर करने जा रहा था तभी पुलिस ने दबोच लिया। हालांकि इससे पहले पुलिस वसीम के साथी सुहेब और आसिफ को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

मेरी नहीं हुई तो किसी

की नहीं होने दूंगा

मेरठ : आखिर कब तक सहता? बेपनाह मोहब्बत करने के बाद नेहा बिलाल से जुड़ गई थी। नौ माह पहले लिंक रोड पर पैसफिक मॉल पर पहली मुलाकात में ही उसे दिल दे बैठा था। उसके बाद तो पत्‍‌नी की तरह अपने साथ रखा। हां इतना जरूर है कि उसे कभी घर नहीं ले गया। उसके लिए होटल का एक कमरा हर समय बुक रहता था। इसके बाद भी वह नहीं मानी तो मैंने सोच लिया कि जब मेरी नहीं हुई तो किसी की नहीं होने दूंगा।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.