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फ्लेक्स ने छीनी पेंटरों की रोजी-रोटी

Publish Date:Mon, 26 Sep 2011 10:32 PM (IST) | Updated Date:Mon, 26 Sep 2011 10:32 PM (IST)
फ्लेक्स ने छीनी पेंटरों की रोजी-रोटी

मैनपुरी: कहने को कला कभी मरती नहीं है, मगर मशीनीकरण ने सैकड़ों कलाकारों को रोटी के लिए भी मोहताज कर दिया है। आधुनिकता के चलते विज्ञापनों के नये-नये तरीकों में फ्लेक्स के चलन से पेंटरों की रोजी-रोटी छिन गयी है। कभी कला के लिए जाने जाते बोर्ड और पोस्टर बनाने वाले पेंटर आज भूखों मरने की कगार पर आ गये हैं।

वर्षो पूर्व जहां विज्ञापन के लिए बनाये जाने वाले साइन बोर्ड, होर्डिग एवं बैनर पेंटरों द्वारा रंग और बू्रश से टीन प्लेट अथवा कैनवास पर बनाये जाते थे और यही उनकी रोजी-रोटी का आधार था। मगर अब फ्लेक्स के चलन से समय और रुपये की काफी बचत होती है। वहीं बनने वाला बोर्ड, होर्डिग उच्च क्वालिटी का भी होता है। यही कारण है कि आज फ्लेक्स का चलन जोरों पर है। जिससे सभी आकर्षित हो रहे हैं। इसी के चलते अब पेंटरों द्वारा बनाये जाने वाले बोर्ड का चलन समाप्त हो गया है। जिससे पेंटर का काम करने वाले लोग या तो भूखों मर रहे है या समय के साथ-साथ अपनी कला को किसी और दिशा में मोड़ लिया है।

नगर के जाने-माने आर्टिस्ट अख्तर पेंटर बताते हैं कि उनके समय में 10 बाई 10 का बोर्ड बनाने के 2000 रुपये लगते थे। जिसे दो कारीगर दस दिन में बनाकर तैयार करते थे। जिसमें पन्द्रह सौ रुपये का मैटीरियल लगता था और पांच सौ रुपये की बचत होती थी। जिससे 25 रुपये रोज पैदा कर अपना परिवार भलीभांति चला लेते थे। मगर अब रंगों और ब्रूशों, टीन व एगिंल पर महंगाई के चलते इनकी लागत चार गुना बढ़ गयी है। जो बोर्ड पहले दो हजार में तैयार होता था, वह अब 8 हजार रुपये में तैयार होता है।

उन्होंने बताया कि आधुनिकता के चलते मशीनीकरण ने कलाकारों की कला को ग्रहण लगा दिया है। अब फ्लेक्स का चलन बढ़ा है, जिसके चलते 10बाई10 की होर्डिग मात्र 2000 रुपये में कुछ ही घंटों में तैयार हो जाता है। उसकी क्वालिटी स्पष्ट है और फोटो लोगों को आकर्षित करते हैं। लोग फ्लेक्स के होर्डिग को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब वे लोगों के फोटो बनाकर अपनी रोटी चला रहे हैं। उन्हें एक फोटो बनाने के आठ सौ रुपये तक मिल जाते हैं। जिसे वे तीन या चार दिन में तैयार कर देते हैं।

फ्लेक्स मशीन के संचालक सर्वेश गुप्ता ने बताया कि फ्लेक्स मशीन के जरिए वे 10 बाई 10 के होर्डिग को मात्र दो घंटे में तैयार कर देते हैं। साथ ही ग्राहक को यह सुविधा भी देते हैं कि वो जहां बतायेगा, वहां होर्डिग लगाकर दिया जायेगा। इन सब कार्य के बदले 2 हजार रुपये लिये जाते हैं।

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