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एएमयू स्कॉलर रही डॉ. असमां जावेद की गला घोंटकर हत्या

Publish Date:Wed, 13 May 2015 08:18 PM (IST) | Updated Date:Wed, 13 May 2015 08:31 PM (IST)
एएमयू स्कॉलर रही डॉ. असमां जावेद की गला घोंटकर हत्या
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में स्कॉलर रही बलरामपुर निवासी डॉ. असमां जावेद की यहां शमशाद मार्केट स्थित फ्लैट में हत्या कर दी गई। हत्यारे फ्लैट ताला लगा गए। आज दुर्गंध के बाद पुलि

लखनऊ। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में स्कॉलर रही बलरामपुर निवासी डॉ. असमां जावेद की यहां शमशाद मार्केट स्थित फ्लैट में हत्या कर दी गई। हत्यारे फ्लैट ताला लगा गए। आज दुर्गंध के बाद पुलिस ने ताला तोड़कर शव निकला। खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमें बनाई गई हैं।

कोतवाली नगर (बलरामपुर) क्षेत्र के मौलाना आजाद नगर, पानी की टंकी निवासी सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मचारी हामिद जावेद की बेटी असमां जावेद (२८) ने 12 साल पहले एएमयू में दाखिला लिया था। एएमयू से पीएचडी करने के बाद वह हाथरस में बीटीसी कर रही थी। उसने सिविल लाइंस क्षेत्र के शमशाद मार्केट स्थित अलहम्द अपार्टमेंट में किराए पर फ्लैट ले रखा था। इसी फ्लैट में बुधवार दोपहर १२:३० बजे उसका शव मिला। शव गलने लगा था। भाई सलमान ने दोदपुर स्थित एक होटल के मालिक पर हत्या का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि होटल मालिक पर असमां के एक लाख रुपये थे। इन रुपयों को वह देना नहीं चाहता था। डेढ़ माह पहले भी एएमयू सर्किल के पास बहन पर हमला किया गया था। अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। शव का पोस्टमार्टम चार डॉक्टरों के पैनल ने किया। वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक हत्या गला घोंटकर की गई।

अध्यक्ष पद के लिए लडऩे वाली पहली छात्रा

एएमयू में स्कॉलर रही असमां जावेद को छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। असमां पहली छात्रा थीं, जिन्होंने छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ा। हालांकि वह जीत नहीं पाईं। बलरामपुर जिले की मूल निवासी असमां जावेद ने 2003-04 में एमए ङ्क्षहदी में एएमयू में दाखिला लिया था। प्रो. आरएन शुक्ला के निर्देशन में ' प्रेमचंद के उपन्यासों में मध्यम वर्ग की दशा और दिशा' विषय पर पीएचडी भी की। 2013-2014 में पीएचडी अवार्ड हुई। असमां राजनीति में भी सक्रिय रही। पहला चुनाव 2005 में कैबिनेट का लड़ा और हार मिली।

छात्र यूनियन में रचा इतिहास

असमां उस वक्त सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने एएमयू छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर लडऩे का एलान किया। ये चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक हुए। पहली बार अब्दुल्ला हॉल की छात्राओं को भी एएमयू छात्रसंघ चुनाव लडऩे का मौका मिला। इसी हॉल की छात्रा असमां ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की तो छात्र नेताओं में खलबली मच गई। ये पहला मौका था, जब कोई छात्रा इस पद के लिए मैदान में आई। प्रत्याशियों को डर था कि अगर 7000 छात्राओं के वोट असमां की तरफ चले गए तो जीत मुश्किल होगी। असमां छात्राओं को लुभाने में नाकाम रहीं। उन्हें मात्र 181 मत ही मिले थे। तब अध्यक्ष अबु अफ्फान फारुखी, उपाध्यक्ष सैयद उमर अहमद कादरी व सचिव आमिर कुतुब चुने गए। असमां के बाद अध्यक्ष पद पर इरम ने 2013-14 का चुनाव लड़ा और 2100 वोट पाए थे।

विवादों से नाता

असमां का कैंपस में विवादों से भी नाता रहा। 2006-07 में अपने ही एक शिक्षक पर उत्पीडऩ के आरोप लगाए थे। कार्रवाई के लिए धरना-प्रदर्शन तक किया था। राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बनने पर कुलपति नसीम अहमद ने उसके पिता को बुलवाकर मामला सुलझाया था।

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Web Title:Asma Javed killed mercylessly(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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