PreviousNext

बॉम्बे ब्लड ग्रुप का एक और डोनर मिला

Publish Date:Mon, 20 Mar 2017 08:46 PM (IST) | Updated Date:Mon, 20 Mar 2017 08:46 PM (IST)
बॉम्बे ब्लड ग्रुप का एक और डोनर मिलाबॉम्बे ब्लड ग्रुप का एक और डोनर मिला
लखनऊ: केजीएमयू के ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग में बॉम्बे ब्लड ग्रुप का एक और डोनर मिला है। दुर्लभतम माने

लखनऊ: केजीएमयू के ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग में बॉम्बे ब्लड ग्रुप का एक और डोनर मिला है। दुर्लभतम माने जाने वाले इस ब्लड ग्रुप के पूरी दुनिया में बहुत कम लोग हैं। केजीएमयू में ब्लड ऑटोमेशन मशीन आने के बाद से इस ब्लड ग्रुप के लोगों की पहचान हो पाई है। केजीएमयू में अब तक इस ब्लड ग्रुप के तीन डोनर मिल चुके हैं।

किसी दूसरे ग्रुप से नहीं हो सकता है आदान-प्रदान : आमतौर पर हमने यह सुना है कि एक ही ब्लड ग्रुप का आदमी एक-दूसरे को ब्लड दे और ले सकता है। वहीं बॉम्बे ब्लड ग्रुप अनोखा ग्रुप है, जो टेस्ट में तो ओ-पॉजीटिव की तरह दिखाता है, लेकिन गलती से भी अगर इसे ओ-पॉजीटिव ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति को चढ़ा दिया जाए तो उसकी मौत हो सकती है।

10 लाख में चार लोगों में होता है : अब तक आप ने चार तरह के ब्लड देखे, ए, बी, एबी और ओ के ही बारे में जाना होगा, लेकिन 1952 में बॉम्बे के एक व्यक्ति में इस दिलचस्प ग्रुप का पता चला। जो टेस्ट करने में तो ओ-पॉजिटिव ग्रुप का दिखाता है, लेकिन यह दुनिया का सबसे रेयरेस्ट ब्लड ग्रुप है। दस लाख लोगों में चार लोगों का ही ऐसा ब्लड ग्रुप होता है। 1952 में इसे डॉ. वाईजी भिड़े ने खोजा था। यह सबसे पहले मुंबई (बॉम्बे) के एक व्यक्ति में मिला था, इसलिए इसका नाम बॉम्बे ब्लड टाइप पड़ गया। ब्लड टाइप केअंदर पाए जाने वाले फीनोटाइप रिएक्शन के बाद पता चला कि इस खून में डिफेक्टिव एंटीजन पाया जाता है, यह इससे पहले कभी नहीं देखा गया था। ब्लड ट्रांसफ्यूजन के मेडिसिन विभाग की प्रमुख प्रो. तूलिका चंद्रा का कहना है कि इस खून की खासियत है कि इसमें ठीक से एंटीबॉडी ए और बी डेवलप नहीं होते हैं और एंटीजन-एच बनने के बाद रुक जाती है और ए एंटीजन बी एंटीजन नहीं बनती है, जबकि उसके अंदर ए और बी एंटीजन बनने की क्षमता है। अगर ऐसे व्यक्ति को ओ-पॉजीटिव ग्रुप चढ़ाते हैं तो दोनों में रिएक्शन हो जाता है।

डोनर होना जरूरी : प्रो.चंद्रा ने बताया कि अब तक केजीएमयू में ऐसे तीन लोग मिले हैं जिनका बॉम्बे ब्लड ग्रुप है। हम ऐसे लोगों का खून रिजर्व नहीं रखते हैं बल्कि उनका रिकार्ड रखते हैं। अगर इस ग्रुप का कोई मरीज आता है तो तुरंत डोनरों से संपर्क किया जाता है। इससे इस ग्रुप के मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।

मोबाइल पर भी अपनी पसंदीदा खबरें और मैच के Live स्कोर पाने के लिए जाएं m.jagran.com पर
    Web Title:(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

    कमेंट करें

    युवती के पेट से निकला बालों का गुच्छाई-मेल से आएगी नौकरी की सूचना
    यह भी देखें