Move to Jagran APP

अंतत: प्रशासन ने कृपाशंकर को माना लोकतंत्र सेनानी

जागरण संवाददाता, कानपुर: आपातकाल का विरोध करने के आरोप में जेल भेजे गए पतारा ब्लाक के केवड़िया गांव न

By JagranEdited By: Published: Thu, 20 Apr 2017 01:01 AM (IST)Updated: Thu, 20 Apr 2017 01:01 AM (IST)
अंतत: प्रशासन ने कृपाशंकर को माना लोकतंत्र सेनानी
अंतत: प्रशासन ने कृपाशंकर को माना लोकतंत्र सेनानी

जागरण संवाददाता, कानपुर: आपातकाल का विरोध करने के आरोप में जेल भेजे गए पतारा ब्लाक के केवड़िया गांव निवासी कृपाशंकर अंतत: खुद को लोकतंत्र सेनानी साबित करने में सफल हो गए। अब उन्हें लोकतंत्र रक्षक सेनानी के रूप में हर माह 15 हजार रुपये पेंशन मिलेगी।

loksabha election banner

आपातकाल का विरोध करने के आरोप में जो लोग भी मेंटीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट (मीसा) के तहत गिरफ्तार किए गए थे उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव ने लोकतंत्र रक्षक सेनानी मानते हुए पेंशन देने की घोषणा की थी। पेंशन लोगों को मिलने लगी, लेकिन केवड़िया गांव के कृपा शंकर तिवारी लोकतंत्र रक्षक सेनानी घोषित नहीं किए गए। वे लगातार भागदौड़ करते रहे। उन्होंने जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत जेल प्रशासन से सूचना मांगी तो उन्हें बताया गया कि वे जेल में थे। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मिले सूचना प्रपत्र को उन्होंने एडीएम भू अध्याप्ति समीर वर्मा को दिया। इसके बाद उन्हें लोकतंत्र रक्षक सेनानी गुरुवार को घोषित कर दिया गया।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.