PreviousNextPreviousNext

मां के स्वागत को घर-घर सजेगा दरबार

Wednesday,Oct 02,2013 07:05:38 PM

कानपुर स्टाफ रिपोर्टर : मां शैलपुत्री के पूजन के साथ ही पांच अक्टूबर से नवरात्र का पर्व शुरू होगा। इस दिन भक्त व्रत का शुभारंभ करेंगे। घरों में जहां कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा का दरबार सजेगा वहीं देवी मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। मंदिरों को सजाने संवारने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

शारदीय नवरात्र पर मां जगदंबा के स्वागत को श्रद्धालु तैयार हैं। लोगों ने कलश, दीपक व अन्य पूजन सामग्रियां खरीदनी शुरू कर दी है। भक्त प्रतिपदा पर घरों में कलश की स्थापना करेंगे। मंदिरों में गुरुवार से बेरीकेडिंग लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा। वहां सफाई और रंगाई पुताई चल रही है।

इन मंदिरों में उमड़ती भीड़

तपेश्वरी देवी, काली मठिया, काली बाड़ी, बुद्धा देवी, जंगली देवी, आशा माता मंदिर, उजियारी देवी, वैष्णो माता दरबार नारामऊ, वैभव लक्ष्मी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ती है।

दस महाविद्याओं के रूप में पूजन

नवरात्र पर भगवती दुर्गा का पूजन दस महाविद्याओं के रूप में भी होगा। मां दुर्गा आद्यशक्ति 'एकमेव' एवं 'अद्वितीय' हैं। वह काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी एवं कमला इन दस महाविद्याओं के रूप में भक्तों की रक्षा करती हैं। मां के इन रूपों का पूजन तंत्र साधना के लिए भी किया जाता है।

मां दुर्गा के नौ रूप

जगन्माता भक्तों के दुख हरने को माता शैलपुत्री, ब्रह्माचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायिनी, कालरात्रि, महागौरी व सिद्धिदात्री के रूप में अवतरित हुई।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर

ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए क्लिक करें m.jagran.com परया

कमेंट करें

Web Title:

(Hindi news from Dainik Jagran, newsstate Desk)

आधी सदी का सफर, गुणवत्ता पर नजरक्या अप्रासंगिक हो गया गांधी दर्शन ..
यह भी देखें

प्रतिक्रिया दें

English Hindi
Characters remaining


लॉग इन करें

यानिम्न जानकारी पूर्ण करें



Word Verification:* Type the characters you see in the picture below

    स्थानीय

      यह भी देखें
      Close
      दुर्गा: शहर में 560 स्थानों पर सजेगा मां का दरबार
      लगेगा मां का दरबार, भक्त भी तैयार
      जश्ने चिरागां: दुल्हन की तरह सजेगा शहर