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देश को महान बनाने में निजी स्वार्थ का करें त्याग

- भक्ति योग वेदान्त सन्त सम्मेलन झाँसी : अखण्ड परमधाम सेवा समिति के तत्वावधान में चल रहे भक्ति योग

By Edited By: Published: Tue, 16 Dec 2014 01:31 AM (IST)Updated: Tue, 16 Dec 2014 01:31 AM (IST)
देश को महान बनाने में निजी स्वार्थ का करें त्याग

- भक्ति योग वेदान्त सन्त सम्मेलन

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झाँसी : अखण्ड परमधाम सेवा समिति के तत्वावधान में चल रहे भक्ति योग वेदान्त सन्त सम्मेलन में स्वामी परमानन्द महाराज ने कहा कि हमें देश को महान बनाने में निजी स्वार्थ का त्याग करना चाहिए। योग का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि विदेशों से योग पुन: भारत में जागृति लाया है। उन्होंने बताया कि यह संसार स्वप्न की भाँति है। राम के चरित्र पर चर्चा करते हुए कहा कि श्रीराम जो सिखाना चाहते थे, वह स्वयं करके दिखाते, इसलिए उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कहा गया।

महावीर दास ब्रह्मचारी ने बताया कि हमें अपने भाइयों से भरत के समान त्याग का आदर्श रखना चाहिए। त्याग के द्वारा ही हम अपने परिवार में सुख शान्ति की स्थापना कर सकते हैं। बृजेश भारतीय ने बताया कि परमात्मा का स्वरुप ही संसार है, प्रत्येक प्राणी उस परमात्मा के अंश से सृजित है।

केन्द्रीय राज्यमन्त्री साध्वी निरंजन ज्योति ने गुरू महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि भक्त की पहचान तुलसी के पौधे से होती है। ज्योतिमिया नन्द ने बताया कि गंगा में स्नान से पाप मुक्त हो जाते हैं। संचालन केदार नाथ तिवारी व अरुण अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया।


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