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बीआरडी प्रकरण में चौथी गिरफ्तारी, जेल भेजा गया सुधीर पांडेय

Publish Date:Sun, 10 Sep 2017 05:47 PM (IST) | Updated Date:Mon, 11 Sep 2017 10:50 AM (IST)
बीआरडी प्रकरण में चौथी गिरफ्तारी, जेल भेजा गया सुधीर पांडेयबीआरडी प्रकरण में चौथी गिरफ्तारी, जेल भेजा गया सुधीर पांडेय
बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में 30 से अधिक बच्चों की मौत के आरोपी लेखा विभाग के कनिष्ठ सहायक लिपिक सुधीर पांडेय को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

गोरखपुर (जेएनएन)। बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में बच्चों की मौत के मामले में कल चौथे आरोपी को जेल भेजा गया। इस मामले में नौ लोगों को नामजद किया गया है। अभी तक चार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। 

बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में 30 से अधिक बच्चों की मौत के आरोपी लेखा विभाग के कनिष्ठ सहायक लिपिक सुधीर पांडेय को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। कल पुलिस ने उनको रिमांड मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तीन यास्मीन अकबर के समक्ष पेश किया था। 

इस मामले में नामजद एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सुधीर सहित पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने फरार चल रहे सभी आरोपियों की भी शीघ्र गिरफ्तारी होने की बात कही है। पुलिस ने सुधीर को शाहपुर में खजांची चौराहे के पास से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। 

बच्चों की मौत के मामले में मेडिकल कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. राजीव मिश्र सहित नौ के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। पूर्व प्राचार्य व उनकी पत्नी डा.पूर्णिमा शुक्ला व इंसेफ्लाइटिस विभाग के इंचार्ज रहे डा. कफील खान को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब अन्य आरोपियों की तलाश चल रही है। 

इन धाराओं में प्रस्तुत किया गया रिमांड प्रार्थना पत्र अभियोजन ने सुधीर पांडेय को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (धारा 7/13) और आपराधिक साजिश (धारा 120 बी) के तहत दोषी मानते हुए मजिस्ट्रेट के समक्ष रिमांड प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। जिसे स्वीकार करते हुए मजिस्ट्रेट ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दे दिया।

ठेकेदार से पूछताछ के बाद पुलिस को मिली कामयाबी

बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने पूछताछ के लिए एक पूर्व मंत्री से संबध रखने वाले मेडिकल कालेज के एक ठेकेदार को हिरासत में लिया था। छानबीन में उस ठेकेदार का फरार चले रहे कनिष्ठ सहायक लिपिक सुधीर पांडेय से अच्छे संबंध होने का पता चला था। हिरासत में लेने पर ठेकेदार इससे इन्कार करता रहा। बाद में फरारी के दौरान सुधीर से मोबाइल फोन पर हुई बातचीत का टेप पुलिस ने ठेकेदार को सुनाया तो उसकी बोलती बंद हो गई। इसके बाद पुलिस के सामने उसे सुधीर से अपने संबंध को स्वीकार करना पड़ा। बताते हैं कि उसी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस सुधीर को गिरफ्तार करने में कामयाब हो पाई।

लंबे समय से एक ही टेबल पर जमे थे सुधीर

मेडिकल कालेज मे सुधीर पांडेय का काफी रसूख था। रसूख के बल पर ही वह लंबे समय से एक ही टेबल पर जमे हुए थे। लेखा विभाग के वरिष्ठ लिपिक रंगी प्रसाद का 2008 में निधन हो गया था। अचानक उनका निधन होने पर तदर्थ व्यवस्था में कनिष्ठ सहायक सुधीर पांडेय को वरिष्ठ लिपिक का कार्यभार देखने की जिम्मेदारी सौंपी गई। तभी से वह इस पद पर जमे हुए थे।

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बताते हैं मेडिकल कालेज में सुधीर का दवा सहित कई विभागों में सीधा दखल था। 7 मई 2017 को उन्हें हटाकर लिपिक उदय शर्मा को वरिष्ठ लिपिक के काम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कमीशन के विवाद में डा. पूर्णिमा शुक्ला के कहने पर पांच मई को सुधीर पांडेय का पटल परिवर्तन हुआ था। इससे पहले भी तीन उनका पटल परिवर्तन किया गया था लेकिन हर बार अपने रसूख से अपना तबादला वह रुकवाने में सफल रहे।

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एक्सपायरी दवा बेचने में दर्ज हुआ था मुकदमा

वर्ष 2014 में मेडिकल कालेज से कबाड़ में बेची गई एक्सपायरी डेट की दवाओं की खेप पुलिस ने मोहद्दीपुर में पकड़ी थी। कबाड़ कारोबारी दवाओं की खेप पिकअप से लाद कर खोराबार ले जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इस मामले में तब सुधीर पांडेय और मेडिकल कालेज के तत्कालीन एसआईसी डा. एके श्रीवास्तव तथा एक फार्मासिस्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।

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यह है मामला

मेडिकल कालेज में 10 व 11 अगस्त को 30 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर मुख्य सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर 23 अगस्त को हजरतगंज थाने में नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसकी विवेचना गोरखपुर में गुलरिहा थाने की पुलिस कर रही है।

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इनके विरुद्ध दर्ज है मुकदमा 

बच्चों की मौत के मामले में पूर्व प्राचार्य डा. राजीव मिश्र, उनकी पत्नी डा. पूर्णिमा शुक्ला, इंसेफ्लाइटिस वार्ड के प्रभारी रहे डा. कफील खान, एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सतीश, चीफ फार्मासिस्ट गजानंद जायसवाल, लेखा विभाग के सहायक लिपिक संजय त्रिपाठी, कनिष्ठ लिपिक सुधीर कुमार, मनीष भंडारी और उदय शर्मा आरोपी बनाए गए हैं।

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Web Title:Clerk Sudhir Pandey arrested in connection of BRD Medical College tragedy(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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