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आदिम युग में जी रहें चौहान बस्ती के बाशिंदे

Publish Date:Fri, 21 Sep 2012 06:31 PM (IST) | Updated Date:Fri, 21 Sep 2012 06:33 PM (IST)

सकलडीहा (चंदौली): आजादी के 65 वर्ष बाद भी ताजपुर चौहान बस्ती के बाशिंदे आदिम युग में जीने का अभिशप्त हैं। कारण गांव तक पहुंचने वाला एकमात्र मार्ग पूरी तरह कीचड़ युक्त है और उससे होकर गुजरना मुश्किल है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा बस्ती के लोगों की बुनियादी आवश्यकताओं को नजरअंदाज किया जाता है।

ताजपुर गांव की चौहान बस्ती की कुल आबादी 200 के करीब है। वहीं बस्ती तक जाने वाला एकमात्र रास्ता आज भी क्षतिग्रस्त है। बरसात के दिनों में उक्त मार्ग पर कीचड़ व गंदगी के कारण आवागमन दूभर होता है। दिलचस्प बात यह है कि आज जबकि सभी संपर्क मार्गो को पक्का बनाकर आवागमन योग्य कर दिया गया है। वहीं यह मार्ग अपनी दुर्दशा की कहानी बयां कर रहा है। गांव के अगनू, तुलसी, विदेशी, नारद, शांति बसंती, तारा, उर्मिला व प्यारे ने बताया कि कई बार गुहार लगाने के बाद भी ग्राम प्रधान इस समस्या से मुंह फेरे हुए है। वहीं ग्राम प्रधान ने मोबाइल उठाना भी मुनासिब नहीं समझा।

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