फैंसीड्रिल की कालाबाजारी का अड्डा बना बुलंदशहर

Publish Date:Sun, 10 Sep 2017 09:59 PM (IST) | Updated Date:Sun, 10 Sep 2017 09:59 PM (IST)
फैंसीड्रिल की कालाबाजारी का अड्डा बना बुलंदशहरफैंसीड्रिल की कालाबाजारी का अड्डा बना बुलंदशहर
बुलंदशहर : फैंसीड्रिल सीरप की कालाबाजारी का असली अड्डा बुलंदशहर बन गया है। दिल्ली से कुछ व्यापारी फै

बुलंदशहर : फैंसीड्रिल सीरप की कालाबाजारी का असली अड्डा बुलंदशहर बन गया है। दिल्ली से कुछ व्यापारी फैंसीड्रिल की खेप लेकर आते हैं। कुछ मात्रा में तो यह दवा जनपद के अंदर सप्लाई होती है। बाकी दवा को अधिक कीमत पर अलीगढ़, हापुड़, मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद व रामपुर में बेचा जाता है। यह सीमित मात्रा में ही बेची जाने वाली दवा है।

जनपद के अंदर पिछले पांच-छह वर्ष से फैंसीड्रिल सीरप की कालाबाजारी का धंधा खूब फलफूल रहा है। सूत्रों की मानें तो जिले के कुछ व्यापारी, ट्रांसपोर्टर सरकारी अमले की साठगांठ के चलते महीने में लाखों-करोड़ों रुपये की फैंसीड्रिल को बेच रहे हैं। दिल्ली से व्यापारी कई हजार पेटियों की खेप लेकर आते हैं। इस दवा को कई स्थानों पर छिपाकर रखा जाता है। उसमें से धीरे-धीरे पेटियों को व्यापारी निकलवाकर सप्लाई कराते हैं। पिछले पांच से छह वर्ष में कई बार फैंसीड्रिल की मोटी खेप जिले में पकड़ी जा चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारियों के आशीर्वाद से कालाबाजारी करने वाले व्यापारी बच निकलते हैं।

ऐसे करते हैं सप्लाई

जिले के कुछ व्यापारी ट्रांसपोर्ट के माध्यम से दिल्ली से फैंसीड्रिल लेकर आते हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि केवल इसमें से अधिक से अधिक 40 प्रतिशत दवा ही जिले के अंदर वितरित हो पाती है। बाकी दवा को कालाबाजारी कर दूसरे जिलों में बेच दिया जाता है। यह प्रतिबंधित दवा नहीं है, लेकिन सीमित मात्रा में ही बेची जा सकती है। अधिकृत डीलर ही इस दवा को बेच सकते हैं। कुछ मेडिकल स्टोर पर ही यह दवा उपलब्ध होती है। अलीगढ़, मेरठ, हापुड़, रामपुर, मुरादाबाद व गाजियाबाद में बुलंदशहर से फैंसीड्रिल अवैध तरीके से बेचा जाता है। वहां नशे के तौर पर इस दवा को लेने वालों की अच्छी संख्या बताई जाती है।

इन्होंने कहा..

जनपद में फैंसीड्रिल की कालाबाजारी के लिए अभियान चलाएंगे। कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूसरे जनपदों को सप्लाई करने लोगों पर कड़ी नजर रखेंगे। फैंसीड्रिल को लेकर विभाग पर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं।

-दीपा लाल, ड्रग इंस्पेक्टर।

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