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पर्चा नहीं मुंह जुबानी बिकतीं एंटीबायोटिक

Publish Date:Fri, 21 Apr 2017 10:50 PM (IST) | Updated Date:Fri, 21 Apr 2017 10:50 PM (IST)
पर्चा नहीं मुंह जुबानी बिकतीं एंटीबायोटिकपर्चा नहीं मुंह जुबानी बिकतीं एंटीबायोटिक
जागरण संवाददाता, आगरा : - ट्रांस यमुना। समय दोपहर एक बजे। जागरण टीम ने कागज पर इंफेक्शन की टे

जागरण संवाददाता, आगरा :

- ट्रांस यमुना। समय दोपहर एक बजे। जागरण टीम ने कागज पर इंफेक्शन की टेबलेट सिप्लॉक्स, एपेक्स, दस्त की नारफ्लॉक्स लिखकर स्टोर संचालक से दवा मांगी। पर्चा देखने के बाद स्टोर संचालक ने एक बार भी यह नहीं देखा कि यह शेड्यूल-एच की दवाएं हैं। जो बिना डॉक्टर के पर्चा के नहीं दी जा सकती हैं। उसने फौरन दवाएं दे दीं।

- न्यू आगरा। दोपहर दो बजे। जागरण टीम ने खांसी-बुखार की दवा मॉक्स मांगी की मांग की। कर्मचारी ने एक बार भी डॉक्टर का पर्चा नहीं मांगा और दवा दे दी, जबकि रैपर पर साफ लिखा था कि यह शेड्यूल-एच की दवा है। जिसे बिना डॉक्टर के पर्चा के नहीं दिया जा सकता है।

- फुव्वारा। जागरण टीम दोपहर तीन बजे यहां पहुंची। दस्त व यूरीन इंफेक्शन में दी जाने वाली दवा नारफ्लॉक्स, इंफेक्शन की दवा सिप्लॉक्स मांगी। अधिक भीड़ होने के चलते कुछ देर इंतजार करना पड़ा और फिर कर्मचारी ने दवाएं दे दीं।

केंद्र व राज्य सरकार भले ही इस बात का दावा कर रही हों कि बिना डॉक्टर के पर्चा के शेड्यूल-एच की दवाएं नहीं मिल रही हैं, लेकिन असलियत कुछ और ही है। औषधि विभाग के आंखें मूंद लेने से मेडिकल स्टोरों पर धड़ल्ले से खांसी-बुखार व इंफेक्शन की दवाएं दी जा रही हैं।

शुक्रवार को दैनिक जागरण की पड़ताल में इसका पर्दाफाश हुआ। जागरण टीम ने शहर के तीन मेडिकल स्टोर में कागज या मुंह जुबानी दवा की मांग की। एक बार भी कर्मचारियों ने कोई पूछताछ नहीं की। हर जगह उन्हें दवा मिल गई।

1800 हैं मेडिकल स्टोर

जिले में 1800 मेडिकल स्टोर हैं। औषधि विभाग की लचर कार्यशैली के चलते बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर संचालक शेड्यूल-एच की दवाएं बिना डॉक्टर के पर्चा के बेच रहे हैं। दवाओं का रजिस्टर भी मेनटेन नहीं हैं।

क्या है शेड्यूल एच

आगरा : स्वास्थ्य मंत्रालय ने शेड्यूल एच में एंटीबायोटिक दवाओं को रखा है। यह दवाएं बिना डॉक्टर के पर्चा के नहीं बिक सकती है। प्रत्येक रैपर व बॉक्स पर भी यह अंकित होता है।

नहीं होती है चेकिंग

औषधि विभाग द्वारा शेड्यूल-एच की दवाएं बिना डॉक्टर के पर्चा के बेचने को लेकर इस साल एक भी मेडिकल स्टोर की चेकिंग नहीं की गई है। इस बात का फायदा स्टोर संचालक उठा रहे हैं।

- शेड्यूल-एच की दवा का मानक तय है। उसका पालन कराया जाएगा। बिना डॉक्टर के पर्चा के दवाएं देने की जांच होगी।

गौरव दयाल, डीएम

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    Web Title:(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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