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वास्तु के अनुसार शयनकक्ष किस तरह के हो कि मिले बेहतर फल

Publish Date:Fri, 17 Mar 2017 03:12 PM (IST) | Updated Date:Sat, 18 Mar 2017 09:49 AM (IST)
वास्तु के अनुसार शयनकक्ष किस तरह के हो कि मिले बेहतर फलवास्तु के अनुसार शयनकक्ष किस तरह के हो कि मिले बेहतर फल
वास्तु-फेंगशुई के दृष्टिकोण से इस क्षेत्र को स्थिर व शांतिपूर्ण वातावरण चाहिए जिससे शांति का अनुभव हो,नकारात्मक प्रभावों से विचलित न हों।

किसी भी घर में सोने का कमरा तनाव कम करने, आराम करने, स्वयं को पुनर्जीवित करने का एक परम आंतरिक और बेहद अंतरंग स्थान हुआ करता है। वास्तु-फेंगशुई के दृष्टिकोण से इस क्षेत्र को स्थिर व शांतिपूर्ण वातावरण चाहिए जिससे किसी को शांति का अनुभव हो, सुरक्षित महसूस करें और नकारात्मक प्रभावों से विचलित न हों।

साथ ही उसी समय सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार भी होता रहे और प्रचुर मात्रा में ताजी हवा चाहिए जो बेडरूम का प्रयोग करने वाले शख्स को तरोताजा कर दे क्योंकि यह कमरा हमारे जीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण हुआ करता है। इसलिए यह आवश्यक है कि इसके स्थान पर फर्निचर और उपयोग की अन्य वस्तुएं इस तरह से व्यवस्थित की जाए कि सकारात्मकता और शांति का माहौल बनें। जो आपको आमंत्रित करें प्रलोभित करें, उत्तेजित करे और साथ ही शांति भी प्रदान करे।

आदर्श दिशा: उत्तर दिशा में बेडरूम युवा जोड़ों के लिए आदर्श है।

उत्तर पूर्व में बेडरूम: यह एक पवित्र कोण या प्रार्थना कक्ष के लिए आदर्श स्थान है इसलिए इस दिशा में बेडरूम अच्छा नहीं मान जाता है।

पूर्व में बेडरूम: यह दिशा परिवार में अविवाहित बच्चों के लिए सोने का कमरा बनाने के लिए आदर्श मानी जाती है।

दक्षिण पूर्व में बेडरूम: यह दिशा अग्निकोण कहलाती है यही कारण है की इस वृत्त खण्ड में बेडरूम बनाने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि इससे इनमें रहने वालों के स्वभाव में गर्मी व क्रोध उत्पन्ना होता है। अगर अग्निकोणिय कमरे में जोड़ा रहता है तो उनके बीच लगातार झगड़े बढ़ते हैं और अगर उसमें बच्चे रहते हैं तो उनके जिद्दी होने और पढ़ाई से दूर भागने की आशंका बढ़ जाती है।

दक्षिण या दक्षिण पश्चिम में बेडरूम: परिवार के मुखिया के रहने के लिए यह एक आदर्श दिशा है।कहने का मतलब है कि इस कोण में मास्टर बेडरूम बनाना चाहिए।

पश्चिम में बेडरूम: छात्रों के लिए यह सर्वोत्तम है।

उत्तर पश्चिम में बेडरूम: यह नवविवाहित जोड़ों के लिए एक आदर्श स्थान है, क्योंकि यह उनके बीच प्यार, अंतरंगता और आराम के स्तर को ऊंचा उठाने में मदद करेगा।

बेड की स्थिति भी महत्वपूर्ण: बेडरूम में बैड की स्थिति उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि बेड की दिशा। बेडरूम को ऐसी जगह स्थापित करना चाहिए जिससे उसके पीछे एक ठोस दीवार हो लेकिन उस दीवार में खिड़की न हो, क्योंकि इससे रहने वाले के जीवन में अस्थिरता आएगी। बेडरूम के सामने बाथरूम का दरवाजा नहीं होना चाहिए और न ही बाथरूम की दीवार से सटाकर बेड रखा हो। यदि ऐसा होता है तो इससे इस कमरे में रहने वालों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है क्योंकि बाथरूम से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है।

अच्छी नींद लेने के लिए व्यक्ति का सिर हमेशा दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। यह देखा गया है कि जो लोग उत्तर दिशा की ओर सिर कर के सोते हैं वे आमतौर पर या तो बेचैन रहते हैं या उन्हें अच्छी तरह से नींद नहीं आती या उन्हें अकसर सिर दर्द और बदन दर्द का अनुभव होता है।

प्यार और समृद्धि को बढ़ाने के लिए वास्तु फेंगशुई टिप्स

1. हर 6 महीने में बेड की चादरें और सिरहाने के कवर का उपयोग बंद कर उन्हें बदल देना चाहिए। क्योंकि सोने के वक्त हम में से निकली हुई सब नकारात्मकताओं को ये सोख लेते हैं।

2. बेडरूम में तेज या बहुत भड़कीले रंग करवाने से बचें। सुखदायक रंगों को चुनें जैसे हल्का गुलाबी, हल्का हरा, हल्का नीला, लवैंडर इत्यादि। सफेद रंग हमेशा ही सुखदायक शांतिदायक और बेडरूम के माहौल में स्थिरता प्रदान करता है।

3. बेडरूम की पूर्व उत्तर दिशा खाली होनी चाहिए। किसी भी भारी फर्निचर या खाली सामान से भरी हुई न हो और हमेशा ध्यान रखें कि यह दिशा साफ-सुथरी और व्यवस्थित हों।

4. उन चित्रों या तस्वीरों का उपयोग करें जिन्हें देखकर हमेशा आपके चेहरे पर मुस्कान आए। दीवार पर जानवरों, आग के दृश्यों, युद्ध के दृश्यों, रिक्त अथवा व्यर्थ स्थानों की तस्वीरें लगाने से बचें क्योंकि इससे कमरे में नकारात्मकता आती है।

5. बेडरूम में देवी-देवताओं के चित्र नहीं लगाना चाहिए। बेडरूम एक बेहद निजी जगह है जहां बस सोते हैं, खाते है, पीते हैं और जीवन के विभिन्ना सुखों का आनंद लेते हैं तो भगवान के सामने इस तरह की गतिविधियों में शामिल होना अनुचित माना जाता है।

6. बहुत अधिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का होना वास्तु और फेंगशुई के सिद्धांतों का उल्लंघन है और काफी हद तक मन की शांति बाधित करते हैं। कोशिश करें कि बेडरूम में टीवी न हो। यदि हो तो जब उसका उपयोग नहीं हो रहा हो तो उसका स्विच ऑफ कर दें। उसके करीब ताजे फूलों का गुलदस्ता रखें और यह ध्यान रखें कि सूखने पर फूलों को बदलते रहे।

7. बेडरूम में नकदी का लॉकर स्थापित करने से बचें। अगर कोई ओर विकल्प नहीं हो तो एक तिजोरी दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें। जिसका मुख उत्तर या पूर्व की ओर खुलता हो।

8. पानी एक अस्थिर और साथ ही एक स्वतंत्र रूप से बहता तत्व है इसलिए इसकी बेडरूम में कोई जगह नहीं है। बेडरूम में बहते पानी की तस्वीरें, एक्वेरियम और किसी भी प्रकार के बहते पानी को रखने से बचें क्योंकि इससे रिश्तों में अस्थिरता और घर में अनियंत्रित व्यय होता है। पीने के लिए पानी की जरूरत है तो रात को बैड की साईड पर पानी से ढका जग या बोतल रख सकते हैं।

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Web Title:According to Vastu what kind of bedroom should be found that the better(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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