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वैशाख पूर्णिमा : 297 साल बाद पड़ेगा यह दुर्लभ संयोग करें ये उपाय

Publish Date:Tue, 09 May 2017 05:17 PM (IST) | Updated Date:Tue, 09 May 2017 05:17 PM (IST)
वैशाख पूर्णिमा : 297 साल बाद पड़ेगा यह दुर्लभ संयोग करें ये उपायवैशाख पूर्णिमा : 297 साल बाद पड़ेगा यह दुर्लभ संयोग करें ये उपाय
10 मई को वैशाख पूर्णिमा है। पुराणों में वैशाखी पूर्णिमा को अत्‍यंत पवित्र एंव फलदायी तिथि माना जाता है। इस बार यह संयोग 297 साल बाद पड़ रहा है। तो आइए जानें इस दिन क्‍या करें...

महासंयोग है इस बार

हिंदू ग्रंथों के अनुसार 10 मई को वैशाख पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। इस बार यह पूर्णिमा काफी अलग है। करीब 297 साल बाद इस तिथि को बुधादित्य महासंयोग बन रहा है। इस प्रकार का संयोग ज्योतिष में दुर्लभ होती है। यह योग स्नान, दान-पुण्य के साथ खरीदारी के लिए भी शुभ है। ज्‍योतिष के मुताबिक, गुरु-मंगल के नवम पंचम, गुरु-शुक्र का समसप्तक योग एवं शनि-मंगल का षडाष्टक व्यापार में वृद्धि से लेकर ऋतु परिवर्तन कराने वाला होगा। इसके पहले वैशाख पूर्णिमा पर ये संयोग 22 अप्रैल, 1720 में बना था।

स्‍नान, दान और खरीदारी के लिए शुभ संयोग

बुधवार को वैशाख पूर्णिमा आने से बुधादित्य सहित कई ग्रह-नक्षत्रों की युति से संयोग बन रहा है। सबसे खास यह होगा कि पूर्णिमा पर सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होने से पवित्र नदी में स्नान, दान, पितरों के निमित्त पूजन, घट दान, यम के निमित्त लोहे की वस्तु, वस्त्र भूमि आदि दान-पूजन का कई गुना अधिक फल मिलेगा। पूर्णिमा पर बाजार में खरीदारी से लेकर नए कामों की शुरुआत समृद्धि कारक होगी।

क्‍या-क्‍या करें उपाय :

- आज के दिन भगवान विष्णु के सामने घी से भरा दीप प्रज्‍जवलित करना चाहिए और तिल शक्कर आदि से पूजन करनी चाहिए। विद्वानों का ऐसा मत है की ऐसा करने से अनजाने के किये हुए पाप भी धुल जाते हैं।

- गरीबों को दान करें। हो सके तो मंदिर में जाकर खाना और वस्‍त्र बांटें। इससे सारे कष्‍ट दूर हो जाते हैं।

- ऐसी मान्यता है की इस दिन का दान धर्म गोदान के सामान फलदायी होता है।

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Web Title:vaishakh purnima 2017 pujan vidhi(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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