फिजायें भी बेरंग थींं

Publish Date:Fri Jan 27 10:43:34 IST 2017 | Updated Date:Fri Jan 27 13:44:30 IST 2017
फिजायें भी बेरंग थींं

मंजर भी बेनूर थे और फिजायें भी बेरंग थींं,

बस तुम याद आए और मौसम सुहाना हो गया..!!!

  • ना किया कर अपने दर्द को
  • हमने तो एक बार खुदा से भी पूछ लिया
  • क्यूं न सजा दें इस कम्बख्त दिल को
  • अपनी जिंदगी का अलग उसूल है
  • वो कहकर गया था कि लौटकर आऊंगा
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