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मीठी वाणी तीर्थ के समान फलदायी होती है : स्वामी दर्शन दास

Publish Date:Thursday,Jun 06,2013 06:54:30 PM | Updated Date:Thursday,Jun 06,2013 06:56:05 PM
मीठी वाणी तीर्थ के समान फलदायी होती है : स्वामी दर्शन दास

संवाद सहयोगी, नूरपुरबेदी : महाराज भूरीवालों के जन्म धाम स्थित भूरी वाले मंदिर में ब्रह्मसागर संत चरण ट्रस्ट रामपुर धाम के मौजूदा प्रधान स्वामी दर्शन दास जी महाराज भूरीवालों की सरपरस्ती में स्वामी चरणदास ब्रह्मचारी महाराज की तीन दिवसीय बरसी वीरवार को श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई। समागम के अंतिम दिवस पर बीते मंगलवार को शुरू की गई आचार्य गरीबदास जी की अमृतमई वाणी की पाठों के भोग डाले गए। इस मौके पर स्वामी दर्शन दास जी महाराज ने कहा कि मीठी व कल्याणकारी वाणी तीर्थ के समान फलदायी होती है। अत: मनुष्य को बातचीत करते हुए किसी से भी भेदभाव नही करना चाहिए, अमीर गरीब एवं छोटे बड़े सबका एक समान ही सत्कार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें शुभ करम करने की आदत डाल लेनी चाहिए। उन्होने कहा कि संत महापुरूषों द्वारा किए गए कार्यो को अपना कर जीवन सफल बनाना चाहिए। जबकि स्वामी कृष्णा नंद जी बीणेवाल ने कहा कि परमात्मा की असीम कृपा व प्रार्थना से ही व्यक्ति की सफलता की सुबह नसीब होती है। जिस घर में प्रभु नाम का सिमरन होता हैं, वहां पर माता लक्ष्मी जी का वास होता है। इससे पूर्व आचार्य गरीबदास जी की अमृतमई वाणी के भोग डाले गए, व अटूट लंगर लगाया गया।

इस मौके पर स्वामी रतन दास, दर्शन लाल मंगूपुर, राजकुमार पटियाला, कर्मवीर चडीगढ़, सोहन लाल, मनजीत सिह, जोगिन्द्र पाल बजाड़, केवल दास, रविकात लुधियाणा व भारी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

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