पठानकोट की उड़ान में आचार संहिता का रोड़ा

Publish Date:Thu, 14 Sep 2017 03:02 AM (IST) | Updated Date:Thu, 14 Sep 2017 03:02 AM (IST)
पठानकोट की उड़ान में आचार संहिता का रोड़ापठानकोट की उड़ान में आचार संहिता का रोड़ा
श्याम, पठानकोट : संसदीय हलका गुरदासपुर में 11 अक्तूबर को उपचुनाव के कारण लागू आचार संि

श्याम, पठानकोट : संसदीय हलका गुरदासपुर में 11 अक्तूबर को उपचुनाव के कारण लागू आचार संहिता के चलते पठानकोट सिविल एयरपोर्ट से उड़ान भरे जाने में दिक्कत आ गई है। पंजाब तथा केंद्र सरकार को इस एयरपोर्ट से उड़ान से पहले चुनाव आयोग की अनुमति लेनी होगी। एयरपोर्ट ऑफ अथॉरिटी की प्ला¨नग थी कि इस एयरपोर्ट से 30 सितंबर को उड़ान भरी जाए। इस लक्ष्य की पूर्ति को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को पंजाब तथा हिमाचल सरकार सहायता कर रही थी। पंजाब सरकार ने अथॉरिटी को जहां एनओसी दे दी थी वहीं हिमाचल सरकार अपने हिस्से की संपर्क सड़क का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी रखे हुए है। बरसात के कारण पठानकोट सिटी को एयरपोर्ट तक जोड़ने वाली संपर्क हिमाचल प्रदेश के हिस्से से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। एयरपोर्ट पठानकोट की जमीन पर बना हुआ है परंतु उसकी संपर्क सड़क हिमाचल के गांव से होकर गुजरती है। पंजाब सरकार के आग्रह पर हिमाचल प्रदेश सरकार इस सड़क का निर्माण करने में जुटी हुई है और उसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। यह निर्माण प्रस्तावित तारीख से पहले हो जाने पर यहां से उड़ान भरी जा सकती थी परंतु संसदीय हलके में आचार संहिता लागू हो जाने के कारण एयरपोर्ट का काम लेट होना तय हो गया है। पठानकोट सिविल एयरपोर्ट संसदीय हलके के बीते पांच चुनाव को प्रभावित करता रहा है। साल 1998 में दिवंगत भाजपा नेता विनोद खन्ना जब पहली बार यहां के सांसद बने तो उन्होंने लोगों को एयरपोर्ट का सपना दिखाया। यह सपना बाद में हालांकि कांग्रेस की सरकार के दौरान पूरा हुआ परंतु जनता ने इसका क्रेडिट विनोद खन्ना को ही दिया। कुछ साल चलने के बाद यह एयरपोर्ट बंद हो गया। एयरपोर्ट से उड़ान बंद होने के बाद अब तीसरा लोक सभा चुनाव होने जा रहा है। इस चुनाव में एयरपोर्ट फिर से मुद्दा बनने जा रहा है।

भाजपा क्रेडिट लेने का कर रही प्रयास

कांग्रेस इसे आरंभ करने कर श्रेय खुद को देते हुए इसके बंद होने का ठीकरा भाजपा के सिर मढ़ रही है। अब चूंकि एयरपोर्ट दोबारा चालू होने वाला है अतएव कांग्रेस और भाजपा इसका क्रेडिट एक बार फिर से लेने की दौड़ में भाग रही हैं। कहा जा रहा है कि अगर युद्ध स्तर पर काम आरंभ करके भी एयरपोर्ट को दोबारा चालू कर दिया जाए तो आचार संहिता जहां इसकी राह में रोड़ा बनेगी वहीं इसके चुनाव तक चालू होने की संभावना न के बराबर ही है।

हिमाचल सरकार कर रही निर्माण, वाकी फैसला अथॉरिटी का

डिप्टी कमिश्नर नीलिमा ने कहा कि एयरपोर्ट की संपर्क सड़क का निर्माण चूंकि हिमाचल प्रदेश सरकार कर रही है अतएव हिमाचल प्रदेश में आचार संहिता लागू नहीं होने के कारण निर्माण में कोई अड़चन नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के हिस्से में एनओसी जारी करने का ही काम था। राज्य सरकार यह काम बहुत पहले ही कर चुकी है। एयरपोर्ट से उड़ान कब भरी जा सकेगी इसका फैसला तो एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को ही करना है।

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Web Title:code of conduct in lok sabha election(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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