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जल्द आएगी नई शिक्षा नीति, छात्रों को नहीं जाना पड़ेगा विदेश : जावड़ेकर

Publish Date:Sat, 18 Mar 2017 08:49 PM (IST) | Updated Date:Sat, 18 Mar 2017 09:08 PM (IST)
जल्द आएगी नई शिक्षा नीति, छात्रों को नहीं जाना पड़ेगा विदेश : जावड़ेकरजल्द आएगी नई शिक्षा नीति, छात्रों को नहीं जाना पड़ेगा विदेश : जावड़ेकर
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि सरकार देश से प्रतिभा का पलायन राेकना चाहती है। इसी उद्देश्‍य से नई श्‍ािक्षा नीति शीघ्र ही लाई जाएगी।

जेएनएन, जालंधर। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि देश में नई श्‍ािक्षा नी‍ति जल्‍द आएगी। इसके बाद यहां के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं रहेगी। देश के प्रतिभावान विद्यार्थी पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं अौर वहां काम कर इसे पूरा करते हैं। वे बाद में वहीं प्रवासी बन जाते हैं। इससे देश से प्रतिभा का पलायन हाेता है। नई श्‍ािक्षा नीति इसे रोकेगी।

वह यहां शनिवार को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में आयोजित समारोह में शा‍मिल हाेने आए थे। उन्‍होंने समारोह में विद्यार्थियों काे पुरस्‍कार प्रदान किए। उन्‍होंने कहा‍ कि देश से प्रतिभा पलायन का मुख्‍य कारण जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर सुविधाएं नहीं मिलना है।हमारा मकसद है कि विदेश जाने की बजाय युवा देश में ही काम करें।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसलिए ग्रीन प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसका अर्थ है ग्लोबल रिसर्च इंटरेक्टिव नेटवर्क। यह दो हजार करोड़ का बजट है जिसकी मदद से विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर, लैब और फैकल्टी पर काम किया जाएगा। आइआइटीज में स्टार्ट-अप भी शुरू किया है।

 जावड़ेकर ने कहा कि एक बार बिल गेट्स से पूछा गया कि आपने बहुत सारे इंजीनियर भारतीय ही क्यों जॉब पर रखे हैं। उनका जवाब था-ऐसा इसलिए ताकि वे बेंगलुरू में एक अलग माइक्रोसॉफ्ट न क्रिएट कर दें। हमारा मकसद अपने प्रतिभावान छात्रों को देश में ही करियर प्रदान करना है। अब ब्रेन ड्रेन नहीं, ब्रेन गेन होगा।

जल्द आएगी नई एजुकेशन पॉलिसी

 केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल्द ही नई एजुकेशन पॉलिसी लागू की जाएगी। इसके पांच स्तंभ होंगे। पहला अक्सेसिबिलिटी-इसके तहत सभी वर्ग को उच्च शिक्षा का अधिकार मिलेगा। नई टेक्नोलॉजी से एजुकेशन सिस्टम को क्लीन, नकल रहित और ट्रांसपेरेंट बनाया जाएगा। दूसरा है क्वालिटी, तीसरा इक्विटी, चौथा अकाउंटबिलिटी व पांचवां अफोर्डेबिलिटी।

उन्‍होंने कहा कि पांच साल बाद अच्छी यूनिवर्सिटी की पहचान इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं होगी। बल्कि इससे होगी कि कितने पेटेंट करवाए हैं, रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर कैसा है। दरअसल हम लोगों ने इनोवेशन खत्म कर दी है। ये गर्भपात जैसी बात है। हम बच्चों को सवाल पूछने से रोक देते हैं। क्रिएटिविटी को खत्म नहीं, बल्कि बढ़ावा देना है। मैंने तो अपने ऑफिस के दरवाजे पर लगाने को कहा है-कोई भी चांसलर या वीसी आए तो अच्छे आइडिया के साथ आए। खाली कन्वोकेशन में बुलाने के लिए न आए।

सरकारी स्कूलों को अच्छा बनाना है

उन्होंने कहा कि मेरा चैलेंज सरकारी स्कूल को अच्छा बनाना है। हम भी जिला परिषद के स्कूलों में पढक़र यहां पहुंचे हैं तो सरकारी स्कूल बुरे कैसे हो सकते हैं। पब्लिक व प्राइवेट स्कूल इकट्ठे काम करें तो शिक्षा स्तर ऊंचा होगा। देश में केजी से लेकर पीजी तक 270 मिलियन स्टूडेंट्स हैं। 23 करोड़ में से 13 करोड़ सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं, यानि सरकारी स्कूलों में ज्यादा स्टूडेंट्स हैं। अब स्टूडेंट्स भी डिजिटलाइज हो गए हैं। अब वे ऑनलाइन ही प्लेसमेंट रिकॉर्ड देख एडमिशन लेंगे।

86 विद्यार्थी सम्मानित

समारोह में छह शोधार्थी, 20 मेधावी विद्यार्थी, अंतरराष्ट्रीय शूटर अमनप्रीत, 20 राष्ट्रीय खिलाड़ी और 40 कल्चरल एक्टिविटीज में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थी सम्मानित किए गए। केंद्रीय मंत्री ने मैनेजमेंट एंक्लेव का समापन किया और वन इंडिया का उद्घाटन किया। इस मौके पर चांसलर अशोक मित्तल और प्रो चांसलर रश्मि मित्तल मौजूद रहे।

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Web Title:New education policy will come soon said prakash Javadekar(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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