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मौसम में आए बदलाव का असर ग्लेश्यिरों पर भी पड़ने लगा है। गोमुख ट्रैक से लौटे पर्यटकों के पहले दल ने दावा किया कि गंगोत्री से लेकर गोमुख तक 18 किलोमीटर के ट्रैक में उन्हें नाममात्र की बर्फ ही देखने को मिली। वही, पिछले साल इस रास्ते में कम से कम चार हिमखंड देखने को मिलते थे।