सियाचिन से एकतरफा सेना वापसी नहीं

Publish Date:Sun, 22 Apr 2012 10:27 AM (IST) | Updated Date:Sun, 22 Apr 2012 01:00 PM (IST)
सियाचिन से एकतरफा सेना वापसी नहीं
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सियाचिन से सेना हटाने को लेकर एकपक्षीय कार्रवाई से इन्कार किया है। उनका कहना है कि पाकिस्तान सियाचिन से सेना तभी हटाएगा जब भारत भी ऐसा क

लाहौर। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सियाचिन से सेना हटाने को लेकर एकपक्षीय कार्रवाई से इन्कार किया है। उनका कहना है कि पाकिस्तान सियाचिन से सेना तभी हटाएगा जब भारत भी ऐसा करने पर सहमत हो।

पाकिस्तान के ओकारा जिले में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए जरदारी ने कहा कि वह सियाचिन में पाकिस्तानी सैनिकों की समस्याओं को लेकर चिंतित हैं। भारत को भी वहां अपने सैनिकों को लेकर चिंता होगी। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि सियाचिन दुनिया का सबसे कठिन युद्धक्षेत्र है। हम वहां की विषम जलवायु और अन्य कठिनाइयों से वाकिफ हैं। इसके बावजूद वहां से सेना की वापसी तभी संभव है जब दोनों देश ऐसा करने पर सहमत हों।

उनका यह बयान भारतीय सीमा से लगे गुलाम कश्मीर के गयारी इलाके में गत सात अप्रैल को पाकिस्तानी सेना के एक शिविर के हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद आया है। इस घटना में बर्फ में दब गए 138 सैनिकों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।

जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान बातचीत द्वारा भारत के साथ अपने मुद्दों को सुलझाना चाहता है। राष्ट्रपति ने कहा कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुल्तान से लेकर दिल्ली तक सड़क निर्माण के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मैंने आठ अप्रैल की एक दिवसीय भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के दौरान सबसे पहले द्विपक्षीय व्यापार पर बात की थी। व्यापार दोनों देशों के लोगों के लिए समृद्धि लाएगा।

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Web Title:'Troops withdrawal from Siachen if India agrees'(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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