PreviousNext

गोरखपुर में चार दिन में 28 की मौत लेकिन आक्सीजन की कमी से नहींः योगी

Publish Date:Sat, 12 Aug 2017 08:05 PM (IST) | Updated Date:Sun, 13 Aug 2017 08:25 AM (IST)
गोरखपुर में चार दिन में 28 की मौत लेकिन आक्सीजन की कमी से नहींः योगीगोरखपुर में चार दिन में 28 की मौत लेकिन आक्सीजन की कमी से नहींः योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शाम माना गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में 28 मौत होना स्वीकार किया है लेकिन आक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई।

लखनऊ (जेएनएन)। बाबा राघवदास मेडिकल कालेज गोरखपुर में बच्चों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार पूरे मामले की जांच करा रही है। घटना में दोषी किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि डीजी हेल्थ गोरखपुर में कैंप कर रहे हैं। योगी ने 28 मौत होना स्वीकार किया लेकिन मरीजों के साथ कोई लापरवाही नहीं हो रही है। मौत का कारण आक्सीजन की कमी नहीं है। सीएम के मुताबिक आठ अगस्त को 3 नौ अगस्त को 6, दस अगस्त को 13 और 11 अगस्त को 7 लोगों की मौत हुईं। उन्होंने कहा, सीजन में इंसेफ्लाइटिस और एनआइसीयू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट) में इतनी मौतें सामान्य हैं। 

यह भी पढ़ें: आक्सीजन हादसे पर सियासी सक्रियता के बीच मौतों का सिलसिला और प्रदर्शन

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन के साथ मीडिया से रूबरू मुख्यमंत्री ने सात से 11 अगस्त तक हुई मौतों का ब्यौरा रखा और मीडिया से कहा कि सही तथ्यों को सामने लाएं। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले अपनी बात कही कि इंसेफ्लाइटिस मेरे लिए भावनात्मक मुद्दा है। मैंने 1998 से इस मुद्दे को लेकर संसद से सड़क तक संघर्ष किया। मृत मासूमों के परिजनों के साथ मेरी पूरी संवेदना है। सच जानने के लिए मजिस्ट्रीयल जांच जारी है। 

इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि मैं रविवार को बीआरडी के दौरे पर जाऊंगी। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव वहां पहुंच चुके हैं। दौरे के बाद मैं केंद्र को अपनी रिपोर्ट दूंगी। यह प्रदेश सरकार द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अतिरिक्त होगी। यह भी कहा कि घटना से प्रधानमंत्री बेहद आहत हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए हर संभव मदद का भरोसा भी दिया है।

यह भी पढ़ें: लापरवाही की हदः दो चिट्ठियां खोल रही प्रशासन के दावे की पोल

मुख्यमंत्री ने इसके बाद गोरखपुर से लौटे स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को आगे किया। उन्होंने कहा कि 11 अगस्त को रात 7.30 से 11.30 बजे तक लिक्विड आक्सीजन का दबाव कम था,पर ऐसा होते ही स्वत: सिलेंडर से इसकी आपूर्ति हो जाती है। कालेज में भरपूर मात्रा में आक्सीजन के सिलेंडर थे। लिहाजा इसकी कमी से कोई मौत नहीं हुई। उन्होंने 2014 से 2017 के अगस्त का आंकड़ा देते हुए बताया कि इतनी मौतें होना सामान्य हैं। उन्होंने 10 और 11 अगस्त को हुई मौतों और उनकी वजहों के बारे में भी बताया। कहा कि नौ अगस्त को मुख्यमंत्री गोरखपुर गए थे। उसके बाद मेडिकल कालेज के प्राचार्य खुद को ऋषिकेश गए ही, एनीस्थीशिया के विशेषज्ञ चिकित्सक को भी छुïट्टी पर भेज दिया। इसमें उनकी लापरवाही पाई गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पुष्पा सेल्स के पास आक्सीजन सप्लाई करने का अधिकार नहीं था। यह जिम्मा नागपुर की कंपनी को दिया गया था लेकिन गड़बड़ी से यह कंपनी बीच में आ गई? 

यह भी पढ़ें: बीआरडी हास्पिटल में हर सप्ताह आठ से नौ हजार लीटर ऑक्सीजन आपूर्ति

अब बारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन की थी। उन्होंने कहा कि आक्सीजन के भुगतान के बारे में आपूर्तिकर्ता ने एक अगस्त को बीआरडी के प्राचार्य को पत्र लिखा था। प्राचार्य की ओर से डीजीएमइ को यह पत्र चार अगस्त को भेजा गया। पांचच्गस्त को 68 लाख रुपये से कुछ अधिक भुगतान के सापेक्ष प्राचार्य को दो करोड़ रुपये दिये गए। बावजूद इसके उन्होंने आपूर्तिकर्ता कंपनी को 11 को भुगतान किया। इसे लापरवाही मानते हुए उनको निलंबित कर दिया गया।

 

 

 

 

 

 

 

मोबाइल पर भी अपनी पसंदीदा खबरें और मैच के Live स्कोर पाने के लिए जाएं m.jagran.com पर
Web Title:Center will help health services of Uttar Pradesh 28 deaths(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

कमेंट करें

गोरखपुर त्रासदी: बड़ी कार्रवाई की तैयारी में योगी आदित्यनाथ सरकारगोरखपुर के लिए आज रवाना होंगे सीएम योगी आदित्यनाथ
यह भी देखें