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इलाज के अभाव में बड़े सिर वाले बच्ची की मौत, अगले महीने होनी थी सर्जरी

Publish Date:Tue, 20 Jun 2017 12:22 PM (IST) | Updated Date:Tue, 20 Jun 2017 12:37 PM (IST)
इलाज के अभाव में बड़े सिर वाले बच्ची की मौत, अगले महीने होनी थी सर्जरीइलाज के अभाव में बड़े सिर वाले बच्ची की मौत, अगले महीने होनी थी सर्जरी
त्रिपुरा की साढ़े पांच वर्षीय बच्ची जिसका सिर सामान्य बच्चों से काफी बड़ा था, की कल रात मौत हो गई।

अगरतला (एएनआई)। त्रिपुरा में जन्मी रुना बेगम, जो अपने जन्म के समय पूरे दुनिया की मीडिया खबरों में सुर्खियों में बनी रही। गौरतलब है कि उक्त बच्ची हाइड्रोसीफॉलस (ब्रेन में अत्यधिक पानी की मात्रा भर जाना) नामक बीमारी से पीड़ित थी जिस कारण उसका सिर 94 सेंटीमीटर तक बड़ा हो गया था। बताया जाता है कि कल रात उस बच्ची की मौत हो गई। वह साढ़े पांच साल की थी और अगले ही महीने उसका दूसरा बड़ा ऑपरेशन होने वाला था। गुड़गांव स्थित फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में आठ बार ऑपरेशन के बाद 2013 से उसका नि:शुल्क इलाज चल रहा था। वो बोलने में भी असमर्थ थी।

डॉक्टरों ने उसके माता पिता को भरोसा दिलाया था कि उनकी बच्ची बहुत जल्द ही एक सामान्य बच्ची की तरह हो जाएगी। लेकिन रोजाना मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने वाले अब्दुल रहमान और फातिमा खातून के लिए अपनी बच्ची को स्कूल जाते हुए देखने का सपना, सपना ही रह गया।

उसकी मां फातिमा बताती है, उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी, लेकिन हम उसे इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती करवा पाते उससे पहले ही वह इस दुनिया से चल बसी। वो आगे कहती हैं, केवल एक महीने पहले ही हमने रुना का अंतिम चेक-अप कराया था और अब हम अगले ही महीने उसका दूसरा इलाज करवाने वाले थे।

उसके पिता रहमान ने बताया, शुरुआत में रुना की स्थिति बहुत ही बुरी थी, लेकिन दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में पांच ऑपरेशनों के बाद उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ था। लेकिन वह चलने फिरने में असमर्थ थी, वह कुछ खा-पी भी नहीं सकती थी, पर उसके सिर का आकार छोटा होता जा रहा था। कल उसने खाना खाया उसके बाद मैं काम पर चला गया। शाम में 8 बजे के करीब रुना की मां ने मुझे बुलाया और कहा कि उसे कुछ दिक्कत आ रही है। मैं उसके पास गया गया और उसे उठाने की कोशिश की लेकिन उसी समय उसने अपनी अंतिम सांस ली।

नॉर्वे की नथालिया क्रांट्ज और जोन्स बोरग्रेविंक ने 2013 में एक वेबसाइट 'माइगुडएक्ट' पर एक सोशल कैंपेन चलाया था जिसमें उन्होंने वे रुना के इलाज के लिए फंड इकट्ठा कर रहे थे। उन दोनों ने करीब 62,000 डॉलर इकट्ठा कर लिया था। हालांकि ये एक असामान्य बीमारी नहीं है लेकिन रुना का अगर सही समय पर उचित इलाज हुआ होता तो शायद आज वो जिंदा होती। 

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Web Title:Tripuras giant head baby Roona no more(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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