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पेट्रोलियम मंत्रालय की जासूसी में अब तक सात लोग गिरफ्तार

Publish Date:Fri, 20 Feb 2015 03:01 AM (IST) | Updated Date:Fri, 20 Feb 2015 12:29 PM (IST)
पेट्रोलियम मंत्रालय की जासूसी में अब तक सात लोग गिरफ्तार
केंद्र सरकार के गलियारों में कॉरपोरेट जासूसी का पहला मामला उजागर हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंत्रालय से नीतिगत गोपनीय फाइलें गायब कर उन्हें ऊर्जा कंपनियों को बेचने के

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली । केंद्र सरकार के गलियारों में कॉरपोरेट जासूसी का पहला मामला उजागर हुआ है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंत्रालय से नीतिगत गोपनीय फाइलें गायब कर उन्हें ऊर्जा कंपनियों को बेचने के आरोप में पत्रकार शांतनु सैकिया समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पेट्रोलियम मंत्रालय के दो कर्मचारी शामिल हैं, जबकि एक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का कर्मचारी बताया जा रहा है।

हालांकि दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी का कहना है कि उन्होंने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ जारी है। बरामद किए गए कागजात की भी जांच संबंधित अधिकारी से कराई जा रही है।

इस जासूसी मामले में पुलिस ने पत्रकार शांतनु सैकिया को भी गिरफ्तार किया है। शांतनु पेट्रो वॉच नाम से एक वेब पोर्टल चलाते हैं। सैकिया पर कारोबारी घराने को जानकारी देने और पेट्रोलियम मंत्रालय के दस्तावेज लीक करने का आरोप है।

पुलिस को अंदेशा है कि इन फाइलों को गायब कराने में मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारी और कुछ निजी पेट्रोलियम कंपनियों की भी मिलीभगत हो सकती है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में सात और गिरफ्तारियां होने का अंदेशा जताया है। पुलिस दिल्ली के कनॉट प्लेस समेत पूरे एनसीआर में कुछ बड़ी पेट्रोलियम कंपनियों के दफ्तरों पर भी छापेमारी कर रही है। एक जांच टीम एक बड़ी ऊर्जा कंपनी के मुंबई स्थित दफ्तर भी भेजी गई है।

पहले ही लग चुकी थी भनक
दिल्ली पुलिस को पेट्रोलियम मंत्रालय से गोपनीय फाइलें गायब होने की भनक काफी पहले लग गई थी। 17 फरवरी को टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मंत्रालय के दफ्तर शास्त्री भवन के बाहर इंडिगो कार से गोपनीय फाइलों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कार पर भारत सरकार का स्टीकर चस्पा था। गिरफ्तार लोगों की पहचान लालता प्रसाद, राकेश कुमार और राजकुमार चौबे के रूप में हुई है। इनके पास से फर्जी आइकार्ड, नकली चाभी, तत्कालीन पास, अडाणी और एस्सार के लेटरहेड समेत कई अन्य दस्तावेज बरामद हुए।

आरोपियों में भाई, पिता और चाचा
लालता प्रसाद व राकेश कुमार दोनों भाई हैं और मंत्रालय में अस्थायी तौर पर मल्टी टास्किंग स्टॉफ के तौर पर वर्ष 2012 में काम कर चुके हैं। कांट्रैक्ट खत्म होने के बाद इन्होंने मंत्रालय से दस्तावेजों को बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया। इस खेल में उन्होंने मल्टी टास्किंग स्टाफ में ही तैनात अपने पिता आशाराम व चाचा ईश्र्वर सिंह को भी शामिल कर लिया। तीनों से पूछताछ के बाद इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पत्रकार से पूछताछ जारी
पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने बताया कि अब तक की जांच में एक वरिष्ठ पत्रकार की भी भूमिका सामने आ रही है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पत्रकार वेबसाइट चलाता है। करीब दस साल पूर्व वरिष्ठ पत्रकार तरुण तेजपाल के साथ उसे भी स्टिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसकी पत्नी एक अंग्रेजी अखबार में मुंबई में काम करती थी। 2008 में मुंबई में होटल ताज पर आतंकी हमले के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

कैमरे बंद कर करते थे चोरी
शास्त्री भवन से फाइल बाहर लाने-ले जाने के दौरान वे लोग वहां लगे सीसीटीवी कैमरे को बंद कर देते थे। शाम को मंत्रालय से जब अधिकारी व अधिकतर कर्मचारी चले जाते थे तब ये लोग नकली चाभियों से कमरे खोलकर गोपनीय दस्तावेज निकालते और उनकी फोटोकॉपी करवाकर वरिष्ठ पत्रकार, करोलबाग में स्थित मेटिस कंपनी व पेट्रोकेमिकल कंपनी समेत विभिन्न कंसलटेंट कंपनियों को बेच देते थे। पुलिस को शक है कि कई म्यूचुअल फंड कंपनियां भी ये दस्तावेज खरीदती थीं।

नहीं मिला ब्योरा : रिलायंस
रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कंपनी के एक कर्मचारी की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है, मगर इसका ब्योरा अभी तक नहीं मिला है। कंपनी ने कहा है कि मामला गंभीर है और कंपनी अपने स्तर पर भी जांच कर रही है। पुलिस व अन्य एजेंसियों से इस मामले में पूरा सहयोग किया जाएगा।

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Web Title:Thief in Petroleum Ministry(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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