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..और जब गृहराज्य मंत्री किरण रिजीजू के बचाव में उतरे सत्यपाल सिंह

Publish Date:Tue, 21 Mar 2017 06:41 PM (IST) | Updated Date:Tue, 21 Mar 2017 07:50 PM (IST)
..और जब गृहराज्य मंत्री किरण रिजीजू के बचाव में उतरे सत्यपाल सिंह..और जब गृहराज्य मंत्री किरण रिजीजू के बचाव में उतरे सत्यपाल सिंह
हिरासत में हुई मौतों पर लोकसभा में सवालों में गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू उलझ गए।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों के सिलसिले में लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई कि उत्तर प्रदेश के बागपत से सांसद और मुंबई के पुलिस कमिश्नर रह चुके सत्यपाल सिंह को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू के बचाव में खड़ा होना पड़ा। मामला हिरासत में हुई मौतों पर उठे मौखिक सवाल का है। इस मामले में सांसदों की तरफ से मौतों की संख्या बढ़ने के बावजूद पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर जब किरण रिजीजू संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो सिंह को खड़े होकर मामले को स्पष्ट करना पड़ा।

प्रश्नकाल में शिर्डी से सांसद सदाशिव लोखंडे ने हिरासत में हुई मौतों की संख्या बढ़ने पर चिंता जताते हुए सरकार से इस संबंध में पुलिस के खिलाफ उठाये गये कदमों के बारे में जानना चाहा। लोखंडे ने सरकार से पूछा कि इन मामलों में सीबीआइ की जांच क्यों नहीं करायी जाती। इस पर रिजीजू ने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और अदालतों ने इसके लिए समय समय पर दिशानिर्देश जारी किये हैं। इसलिए अगर मौत अप्राकृतिक नहीं है तो पुलिसकर्मी के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया जाता है।लेकिन बाद में भाजपा के रायपुर से सांसद रमेश बैंस ने सवाल उठाया कि मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन सरकार ने जो आंकड़े दिये हैं उनके मुताबिक अब तक किसी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि किसी पुलिसकर्मी को अब तक दोषी क्यों नहीं पाया गया। इस पर रिजीजू बहुत स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। इस बीच सत्यपाल सिंह को जब स्पीकर ने सवाल पूछने के लिए बुलाया तो उन्होंने पुलिसकर्मियों को दोषी नहीं पाये जाने के संबंध में तर्क दिये। उन्होंने महाराष्ट्र में हुई सबसे ज्यादा मौतों पर कहा कि पुलिस हिरासत में हुई मौतों के आंकड़ों में जेल में होने वाली मौतों के आंकड़े भी शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि जेल के अंदर भी सारे लोग पुलिस हिरासत में माने जाते हैं।लेकिन उनके लंबे स्पष्टीकरण पर विपक्ष की तरफ से टीका टिप्पणी भी हुई कि सत्यपाल सिंह सवाल पूछ रहे हैं या जवाब दे रहे हैं।

विपक्ष की तरफ से उठे इन सवालों पर स्पीकर सुमित्रा महाजन को भी दो बार सिंह को टोक कर सवाल पूछने के लिए कहना पड़ा। माहौल को हल्का करने के लिए स्पीकर ने सिंह को यह भी कहा कि आपके कार्यकाल का भी आंकड़ा निकालना पड़ेगा, जिस पर सदन ठहाकों से गूंज गया। गृहमंत्रालय की तरफ से दिये गये बीते तीन साल के आंकड़ों के मुताबिक पुलिस हिरासत में सबसे ज्यादा मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। राज्य में 2016 में पुलिस हिरासत में 19 मौतें हुई। जबकि 2013 में यह संख्या 35 थी।

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Web Title:satyapal singh came in support of kiran rijiju(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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