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राजनीतिक पार्टियों से जुड़े मामलों पर आरटीआइ समिति का गठन गैरकानूनी

Publish Date:Sun, 13 Aug 2017 05:56 PM (IST) | Updated Date:Sun, 13 Aug 2017 06:23 PM (IST)
राजनीतिक पार्टियों से जुड़े मामलों पर आरटीआइ समिति का गठन गैरकानूनीराजनीतिक पार्टियों से जुड़े मामलों पर आरटीआइ समिति का गठन गैरकानूनी
नई समिति के गठन पर सवाल अधिवक्ता आरके जैन ने खड़े किए हैं। इस समिति ने सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्यलु की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति का स्थान लिया है।

नई दिल्ली, प्रेट्र : केंद्रीय सूचना आयोग में दाखिल एक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्य सूचना आयुक्त (सीआइसी) आरके माथुर द्वारा चार सदस्यीय समिति का गठन समुचित और कानूनी तरीके से नहीं किया गया है। यह समिति उन शिकायतों पर फैसला करने के लिए गठित की गई है कि राजनीतिक पार्टियां सूचना के अधिकार (आरटीआइ) अधिनियम का पालन नहीं कर रही हैं।

नई समिति के गठन पर सवाल अधिवक्ता आरके जैन ने खड़े किए हैं। इस समिति ने सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्यलु की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति का स्थान लिया है। बता दें कि आरके जैन की याचिका पर ही दिल्ली हाई कोर्ट ने सीआइसी को इस मामले पर फैसला लेने का निर्देश दिया था। श्रीधर आचार्यलु की समिति इस मामले पर 22 जुलाई, 2016 से सुनवाई कर रही थी।

लेकिन, इसके एक सदस्य बिमल जुलका ने कार्य की अधिकता का हवाला देते हुए खुद को इस मामले से अलग कर लिया। इसके बाद आरके माथुर ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यही नहीं, आचार्यलू समिति के किसी भी सदस्य को नए समिति में स्थान नहीं मिला।

इससे पहले आचार्यलु को मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जुड़े मामलों से भी हटा लिया गया था, जब उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के बीए पाठ्यक्रम से संबंधित शैक्षणिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के आदेश दिए थे। बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी साल यह परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

अपनी आपत्ति में जैन का कहना है कि आरटीआइ अधिनियम के तहत मुख्य सूचना आयुक्त को पहले से गठित तीन सूचना आयुक्तों वाली पूर्ण समिति को भंग कर बिना किसी नए कार्य अथवा बिना कोई कारण बताए नई समिति गठित करने का अधिकार नहीं है।

उनका यह भी कहना है कि नई समिति के किसी भी सदस्य के पास कानूनी योग्यता और कानूनी क्षेत्र का अनुभव नहीं है, जो आरटीआइ अधिनियम से जुड़े एक अलग मामले में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के भी खिलाफ है।

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Web Title:rti committee constituted illegal On matters related to political parties(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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