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राहुल गांधी ने नोटबंदी की जंग के सहारे पीएम मोदी से मुकाबले का किया एलान

Publish Date:Wed, 11 Jan 2017 07:58 PM (IST) | Updated Date:Thu, 12 Jan 2017 07:11 AM (IST)
राहुल गांधी ने नोटबंदी की जंग के सहारे पीएम मोदी से मुकाबले का किया एलान
राहुल ने पीएम पर तीखा हमला करते हुए कहा कि नोटबंदी के जरिए मोदी जनता को डरा कर देश पर राज करना चाहते हैं।

नई दिल्ली [संजय मिश्र]। नोटबंदी को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पार्टी का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक अभियान बनाने का एलान करते हुए इसे गरीब और आम आदमी विरोधी कदम करार दिया है।

सरकार से नोटबंदी का हिसाब मांगते हुए उन्होंने कहा कि पीएम बताएं कि इसमें कितना कालाधन आया है? नोटबंदी पर कांग्रेस के जन वेदना सम्मेलन में राहुल ने पीएम पर तीखा हमला करते हुए कहा कि नोटबंदी के जरिए मोदी जनता को डरा कर देश पर राज करना चाहते हैं। मगर कांग्रेस के बिना डरे इसका विरोध जारी रखने का एलान करते हुए राहुल ने नोटबंदी की जंग के सहारे पांच राज्यों के मौजूदा चुनाव समेत 2019 के सियासी मुकाबले में पीएम मोदी को चुनौती देने के लिए खुद के तैयार होने की ताल भी ठोकी।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की गैर मौजूदगी में जन वेदना सम्मेलन में अपने समापन भाषण के दौरान राहुल गांधी ने नोटबंदी की मुश्किलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री पर चौतरफा सियासी तीर चलाए। उन्होंने कहा कि पीएम देश की जनता का वर्तमान छीन कर कल का सपना दिखा रहे। जबकि हकीकत में नोटबंदी के जरिए गरीबों का पैसा बैंकों के जरिए उन अमीरों की मदद के लिए निकाला गया है जिन्होंने बैंकों के 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाया है। इससे अर्थव्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही थी और इसीलिए नोटबंदी के बहाने जनता का पैसा छह महीने तक बैंकों में रखने की सरकार की योजना है।

तंज कसते हुए राहुल ने कहा कि मोदी सरकार कि नीति है गरीबों की जेब से खींचो और अमीरों को सींचो। उनका कहना था कि नोटबंदी से गरीब, मजूदर, किसान और आम आदमी बेहाल हो गया है। पीएम ने लोगों को नोटबंदी के जरिए डरा दिया है कि आप अपना बेहतर भविष्य चाहते हो तो अपना आज दो और मोदी आपको 10-15 साल बाद चमकता नया हिन्दुस्तान देंगे। उन्होंने कहा कि यह देश इतना खराब नहीं कि मोदी उससे नया बनाएंगे। राहुल ने इसी दौरान कहा कि कांग्रेस इस डर का मुकाबला करेगी और संघ-भाजपा की विचाराधारा को हराएगी। इससे पूर्व सम्मेलन के उद्घाटन भाषण के दौरान भी राहुल ने कहा कि देश में अच्छे दिन 2019 में आएंगे जब कांग्रेस सत्ता में आएगी।

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विदेश से छुट्टियां बिताकर तरोताजा दिख रहे राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधने के दौरान कुछ नए अंदाज भी दिखाए। नेताओं और कार्यकर्ताओं से जुड़ने के लिए भाषण के दौरान चुटीले संवाद किए। ेमंगलयान पर पीएम की तस्वीर नहीं लग पाने का तंज कसने से लेकर अमिताभ बच्चन की नमक हलाल फिल्म के डायलाग के जरिए राम-राम जपना और गरीब का माल अपना के तीर दागे। तो 'मित्रों' के मोदी के संबोधन के अंदाज की नकल उतारने से भी परहेज नहीं किया। इसी हल्के अंदाज में राहुल मीडिया को भी प्रधानमंत्री से नहीं डरने और अपनी जिम्मेदारी निभाने की सलाह दे डाली। सरकार में भाजपा के दिग्गज मंत्रियों राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और सुषमा स्वराज को एक तरह से मूक दर्शक बनाए रखने की बात उठाई।

राहुल ने कहा कि नोटबंदी के दो महीने में ही साबित हो गया है कि भ्रष्टाचार, कालाधन खत्म होने,आतंकवाद रुकने और जाली करेंसी खत्म करने के प्रधानमंत्री के सभी लक्ष्य नाकाम होने की बात कही। उनका कहना था कि इन लक्ष्यों में नाकामी देखकर ही सरकार ने कैशलेस का नया शगूफा शुरू किया है। उन्होंने कहा कि पीएम ने देश की आम करोड़ों जनता को कतार में खड़ा कर दिया और भ्रष्ट लोगों ने पीछे से अपने कालेधन सफेद कर लिए। जबकि नोटबंदी गरीबों पर सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक साबित हुई है। राहुल ने कहा कि मोदी ने बिना किसी अर्थशास्त्री की सलाह के नोटबंदी का जो फैसला किया है उसको लेकर दुनिया में कभी भारत के प्रधानमंत्री का इतना मजाक नहीं बनाया गया।

भाजपा पर कालेधन और भ्रष्टाचार पर दोहरा रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा कि नोटबंदी से ठीक पहले पश्चिम बंगाल भाजपा ने बड़ी रकम बैंक में जमा कराई। बिहार और उड़ीसा भाजपा ने नगदी के जरिए जमीन खरीदी। जबकि भाजपा नेता जर्नादन रेड्डी ने अपनी बेटी की शादी पर 500 करोड रुपए नोटबंदी के दौरान खर्च किए जब जनता एक-एक पैसे के लिए कतार में खड़ी थी।

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नोटबंदी के खिलाफ प्रस्ताव पारित

जन वेदना सम्मेलन के दौरान नोटबंदी के दौरान हुई मौतों पर शोक जाहिर करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया। नोटबंदी को नाकाम बताते हुए इसके आर्थिक दुष्प्रभावों को लेकर भी प्रस्ताव पारित किया गया। पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने इस प्रस्ताव को रखा जिस पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस के तमाम नेताओं ने अपनी बात रखी।

वहीं नोटबंदी की जंग जारी रखने के लिए कांग्रेस के दूसरे चरण के अभियान को भी इसमें मंजूरी दी गई। इस अभियान के तहत राज्यों में नोटबंदी को लेकर पहले सम्मेलन होंगे और इसके बाद जिला व ब्लॉक स्तरों पर पार्टी इस विरोध को ले जाएगी। इन सम्मेलनों के दौरान कांग्रेसी सांकेतिक रुप से पीएम की कुर्सी रखकर नोटबंदी को लेकर उन सवालों को पूछेंगे जिनका जवाब पार्टी सरकार से मांग रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल की अगुवाई में नोटबंदी पर पार्टी के इन अभियानों की रुपरेखा तैयार की गई है।

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Web Title:Rahul Gandhi had declare war to pm modi upon Notbandi(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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