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सपा में समझौते के अासार नहीं, अखिलेश के नेतृत्व में पार्टी लड़ेगी चुनाव

Publish Date:Tue, 03 Jan 2017 05:16 PM (IST) | Updated Date:Tue, 03 Jan 2017 06:59 PM (IST)
सपा में समझौते के अासार नहीं, अखिलेश के नेतृत्व में पार्टी लड़ेगी चुनाव
सपा में बढ़ी रार के बाद पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल के जब्त होने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।

नई दिल्ली, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में चुनावी धमक के बाद सपा में बढ़ी रार जस की तस है। मंगलवार को दोनों गुटों में सुलह की कोशिश नाकाम हो गई। मुलायम सिंह यादव और यूपी के सीएम अखिलेश यादव के बीच मंगलवार को करीब 3 घंटे तक चली मुलाकात में बात नहीं बनी। सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों को लेकर अड़ गए हैं।

इस बीच सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा है कि कोई समझौता नहीं हुआ है। हमने चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रख दिया है। यूपी में चुनाव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ही नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने के बाद रामगोपाल यादव ने कहा है कि पार्टी के 90 फीसदी विधायक अखिलेश यादव के साथ हैं। अखिलेश गुट को ही समाजवादी पार्टी माना जाना चाहिए। पार्टी में रार चुनाव चिन्ह तक पहुंच गई है। रामगोपाल यादव ने कहा है कि पार्टी का चुनाव चिन्ह अखिलेश को ही मिलना चाहिए।

इससे पहले आजम खां की पहल पर पार्टी में समझौते का प्रयास किया गया था। आज लखनऊ में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने बैठक की थी। बताया जा रहा है कि बैठक बेनतीजा निकली है। मुलायम ने बैठक के बाद फिर से अखिलेश को बातचीत के लिए बुलाया है। पिता-पुत्र के बीच हुई इस बैठक में शिवपाल यादव भी मौजूद थे।

चुनाव चिन्ह साइकिल हो सकती है पंचर

सपा में बढ़ी रार के बाद पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल के जब्त होने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। ऐसे मामलों में चुनाव आयोग ही तय करता है कि पार्टी का चिन्ह किस पाले में जाना चाहिए और यह तय करने में काफी वक्त लग जाता है। यूपी चुनाव में ज्यादा वक्त शेष नहीं है तो यह भी संभव है कि पार्टी के दोनों खेमों को अस्थायी चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ना पड़े।

जिसके साथ बहुमत, चुनाव चिन्ह उसका

चुनाव आयोग के अनुसार दोनों पक्षों में जो बहुमत में होगा पार्टी के चुनाव चिन्ह का हकदार भी वही होगा। इसका फैसला आयोग का कोई सदस्य नहीं बल्कि पूरा चुनाव आयोग करेगा। ऐसे फैसले सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक दिए जाते हैं। कोई फैसला नहीं निकलने पर चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया जाता है।

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Web Title:no compromise in SP we will fight in Akhilesh leadership says Ram Gopal Yadav(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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