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नीति आयोग ने की सिफारिश, पुलिस में 30 प्रतिशत सीटों पर भर्ती की जाएं महिलाएं

Publish Date:Tue, 02 May 2017 08:56 AM (IST) | Updated Date:Tue, 02 May 2017 10:45 AM (IST)
नीति आयोग ने की सिफारिश, पुलिस में 30 प्रतिशत सीटों पर भर्ती की जाएं महिलाएंनीति आयोग ने की सिफारिश, पुलिस में 30 प्रतिशत सीटों पर भर्ती की जाएं महिलाएं
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता कुलदीप धतवालिया का कहना है कि सरकार केंद्रीय अद्धसैनिक बलों और संघ शासित क्षेत्रों में पुलिस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 33 प्रतिशत तक ले जाने का निर्णय क

नई दिल्ली, हरिकिशन शर्मा। केंद्र और राज्य सरकारों ने अगर नीति आयोग की सिफारिश पर अमल किया तो आने वाले दिनों में महिलाओं के लिए पुलिस में बड़ी तादाद में नौकरियां आ सकती हैं। आयोग ने पुलिस की नई भर्ती में कम से कम 30 प्रतिशत सीटों पर महिलाओं की भर्ती करने की सिफारिश की है। ऐसा होने पर देशभर में लगभग 1.64 लाख महिलाओं को पुलिस की नौकरी मिल सकती है।

नीति आयोग ने देश के विकास की त्रिवर्षीय कार्ययोजना में कहा है कि केंद्र सरकार को राज्यों को पुलिस बल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इस संबंध में गृह मंत्रालय को एक नीति बनानी चाहिए, ताकि नई पुलिस भर्ती में महिलाओं की भागीदारी कम से कम 30 प्रतिशत सुनिश्चित करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

नीति आयोग की यह सिफारिश इसलिए अहम है, क्योंकि फिलहाल पुलिस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी कम है। बीपीआरएंडडी के मुताबिक, देशभर में पुलिस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व मात्र 7.10 प्रतिशत है। पुलिस में कांस्टेबल से लेकर अधिकारी स्तर पर तक महिलाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है। सांख्यिकीय और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2016 में देश में भारतीय पुलिस सेवा में महिला अधिकारी मात्र 9 प्रतिशत हैं, जबकि भारतीय प्रशासनिक सेवा में यह आंकड़ा 17 प्रतिशत है।

असल में सरकार ने पुलिस में महिलाओं के लिए पदों की एक निश्चित संख्या तो स्वीकृत की है, लेकिन उनके लिए अलग से देशभर में समान आरक्षण की व्यवस्था फिलहाल नहीं है। अलग-अलग राज्यों में आज पुलिस की भर्ती में अलग-अलग आरक्षण है। महाराष्ट्र और पंजाब सहित आधा दर्जन राज्यों में पुलिस में महिलाओं के लिए कोई आरक्षण नहीं है जबकि बाकी राज्यों में 10 प्रतिशत से लेकर 38 प्रतिशत तक महिलाओं के लिए आरक्षण है। उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण है। जहां तक केंद्रीय पुलिस बलों में महिलाओं के लिए आरक्षण की बात है तो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आइटीबीपी) में महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था नहीं है।

हालांकि असम राइफल, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में महिलाओं को 5 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है। बीएसएफ में कांस्टेबल रैंक में महिलाओं को 14 से 15 प्रतिशत तक आरक्षण प्राप्त है। वहीं केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। वैसे सीआइएसएफ में एसआइ रैंक की नियुक्तियों में मात्र 10 प्रतिशत ही आरक्षण है। रेलवे प्रोटैक्शन फोर्स (आरपीएफ) में महिलाओं के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण है।

पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो
(बीपीआरएंडडी) के अनुसार देशभर में पुलिस के लगभग साढ़े पांच लाख पद खाली हैं, जिसमें से लगभग आधी रिक्तियां उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल में हैं। यूपी में 1.81 लाख तथा बिहार में लगभग 30 हजार पुलिस के पद खाली हैं। असल में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सिविल और आ‌र्म्ड पुलिसकमिर्यो के 22.80 लाख पद स्वीकृत हैं जिसमें से मात्र 17.31 लाख पद ही भरे हुए हैं। ऐसे में अगर खाली पद भरे जाते हैं तो नीति आयोग की सिफारिश के मद्देनजर लगभग 1.64 लाख पदों पर महिलाओं को भर्ती करना होगा।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता कुलदीप धतवालिया का कहना है कि सरकार केंद्रीय अद्धसैनिक बलों और संघ शासित क्षेत्रों में पुलिस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 33 प्रतिशत तक ले जाने का निर्णय कर चुकी है। इसे चरणबद्ध ढंग से किया जाएगा।

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Web Title:Niti Aayog recommends Women to be recruited for 30 percent seats in new recruitment of Police(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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