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मालदीव ब्लॉगर रशीद की हत्या के मामले में उनके पिता ने मांगी भारत से मदद

Publish Date:Sat, 20 May 2017 10:42 AM (IST) | Updated Date:Sat, 20 May 2017 11:26 AM (IST)
मालदीव ब्लॉगर रशीद की हत्या के मामले में उनके पिता ने मांगी भारत से मददमालदीव ब्लॉगर रशीद की हत्या के मामले में उनके पिता ने मांगी भारत से मदद
रशीद की क्रूर हत्या के एक सप्ताह पश्चात पुलिस ने हत्या के मामले के लिए सात संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है।

नई दिल्ली, जेएनएन। 29 साल के मालदीव के ब्लॉगर यामीन रशीद की उनके ही अपार्टमेंट में पिछले महीने हत्या कर दी गई थी। द्वीप राष्ट्र पर बढ़ती कट्टरता के सिलसिले में यामीन के पिता ने भारत सरकार से मदद की मांग की है।

रशीद की क्रूर हत्या के एक सप्ताह बाद पुलिस ने हत्या के मामले में सात संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन मालदीव के सूत्रों का कहना है कि हत्या के कारणों की गहराई से जांच करने में कोई भी दिलचस्पी नहीं ले रहा है।

यामीन राशीद द्वीप देश में एकमात्र ब्लॉगर नहीं है, जिनके उपर इस प्रकार का हमला किया गया। साल 2014 में, उनके दोस्त अहमद रीलवान का अपहरण कर लिया गया था और उनका आज तक कुछ भी पता नहीं चला है।

यामीन के पिता हुसैन रशीद ने कहा कि यामीन ने अपने दोस्त के मामले को आगे बढ़ाने का फैसला किया। लेकिन यामीन की हत्या उसी जगह पर हुई, जहां से उसके दोस्त को अगवा किया गया था। उन्होंने कहा कि भारत के आसपास कट्टरता बढ़ रही है, इसलिए भारत को इस मामले में मदद करनी चाहिए।

यामीन राशीद के पिता ने कहा कि उनका बेटा मालदीव में पैदा हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने सभी चार बच्चों की शिक्षा के लिए उन्हें भारत भेजा। यामीन ने केरल के स्कूल में पढ़ाई की उसके बाद वो बैंगलोर में एक आईटी पेशेवर के रूप में प्रशिक्षित हुए। जिसके बाद वो मालदीव वापिस चले गए और वहां जाकर उन्होंने अंग्रेजी पढ़ाने के लिए एक स्कूल शुरू किया। 

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बता दें कि पिछले पांच साल में इस तरह का यह तीसरा मामला है। रशीद लंबे समय से ब्लॉग लिख रहे थे। उन्हें एक उदारवादी ब्लॉगर माना जाता था। 'द डेली पैनिक' नाम के अपने इस ब्लॉक के जरिये वह देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, कट्टरता और अन्य घटनाओं पर तीखी चोट और व्यंग करते थे।

रशीद के साथियों का कहना है कि इसके लिए उन्हें (रशीद) को अक्सर सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिलती रहती थीं, लेकिन उन्होंने अपनी लेखनीय से कभी समझौता नहीं किया। हाल में भी सोशल मीडिया पर उन्हें धमकियां दी गई थीं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

यह पहला मामला नहीं है, जब मालदीव में किसी ब्लॉगर या मुखर उदारवादी को निशाना बनाया गया हो। 2012 में इस्माइल रशीद नाम के एक ब्लॉगर पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह बुरी तरह घायल हुए थे। अगस्त, 2014 में एक पत्रकार का अपहरण कर लिया गया था, जो अब तक लापता है।

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Web Title:Murdered Male blogger dad seeks Delhi aid to fight radicals(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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