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दस वर्ष पूर्व लिया पर्यावरण संरक्षण का प्रण, लगा चुके हैं 5 हजार से ज्यादा पेड़

Publish Date:Tue, 20 Jun 2017 10:06 AM (IST) | Updated Date:Tue, 20 Jun 2017 10:06 AM (IST)
दस वर्ष पूर्व लिया पर्यावरण संरक्षण का प्रण, लगा चुके हैं 5 हजार से ज्यादा पेड़दस वर्ष पूर्व लिया पर्यावरण संरक्षण का प्रण, लगा चुके हैं 5 हजार से ज्यादा पेड़
प्रकृति के दुश्मन जहां हरे-भरे पेड़ों की कटाई में लगे हैं वहीं सत्येंद्र सिंह प्रकृति को हरा भरा करने में लगे हैं। पर्यावरण के प्रति लगाव रखने की वजह से सत्येंद्र युवाओं के लिए रोल

देवरिया (श्याम नारायण मिश्र)। हरियाली किसे नहीं भाती। हर कोई प्रकृति के बीच रहना चाहता है, लेकिन बहुत कम लोग ही ऐसे हैं जो पर्यावरण बचाने की कोशिश में लगे हैं। आज अधिकतर गांवों के बाग-बगीचे वीरान हो गए। प्रकृति के दुश्मन जहां हरे-भरे पेड़ों की कटाई में लगे हैं वहीं सत्येंद्र सिंह प्रकृति को हरा भरा करने में लगे हैं। पर्यावरण के प्रति लगाव रखने की वजह से सत्येंद्र युवाओं के लिए रोल माडल बन गए हैं। सलेमपुर विकास खंड के भीटा भरौली गांव निवासी 35 वर्षीय सत्येंद्र सिंह पढ़े लिखे हैं। उन्होंने परास्नातक की डिग्री हासिल की है। पढ़ाई के दौरान पर्यावरण बचाने पर पर होने वाली परिचर्चा ने उन्हें पर्यावरण के प्रति लगाव पैदा किया। उनके मन में भी कुछ करने की भावना जागृति हुई।

पढ़ाई पूरा करने के बाद खेती को ही उन्होंने अपना पेशा बना लिया। दस वर्ष पूर्व सत्येंद्र सिंह ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी कोशिश शुरू की। उन्होंने 50 पौधे लगाकर पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। पर्यावरण के प्रति लगाव बढ़ता गया। परिवारवालों को रजामंद कर अपने जमीन में हर साल पौधे लगाने का सिलसिला जारी रखा। आज उन पेड़ों की संख्या करीब पांच हजार हो गई है। पेड़ों की देखरेख खुद करते हैं। गर्मी के मौसम में पारा चढ़ने लगता है तो पौधों को बचाने के लिए कई बार सिंचाई का प्रबंध किया। आज उनके खेत की हरियाली का प्रभाव पूरे गांव में देखने को मिल रहा है। वन विभाग के स्लोगन ‘एक वृक्ष दस पुत्र समान’को आदर्श वाक्य मानकर उसे जीवन में सार्थक रूप देने में लगे हैं। क्षेत्र के तमाम युवा उनसे प्रभावित हुए हैं। कई युवाओं ने उनसे प्रेरणा लेकर पर्यावरण संरक्षित रखने का संकल्प लिया है।

प्रकृति को बचाना हमारा कर्तव्य
सत्येंद्र सिंह लोगों को पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। उनके पांच एकड़ खेत में हरियाली देखते बनती है। वह कहते हैं कि प्रकृति है तो जीवन है। प्रकृति को बचाना हमारा कर्तव्य होना चाहिए। हमें पौधे लगाने होंगे। पेड़ों की अवैध कटाई पर रोक लगे तो बात बनेगी। इसके लिए समाज के युवाओं को आगे आना होगा।

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Web Title:More than 5000 trees have been planted for protection of environmental protection(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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