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जाधव मामलाः यदि पाक नहीं मानता ICJ का फैसला तो क्या होगा विकल्प

Publish Date:Fri, 19 May 2017 09:40 AM (IST) | Updated Date:Fri, 19 May 2017 12:44 PM (IST)
जाधव मामलाः यदि पाक नहीं मानता ICJ का फैसला तो क्या होगा विकल्पजाधव मामलाः यदि पाक नहीं मानता ICJ का फैसला तो क्या होगा विकल्प
केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि जाधव को बचाने में आईसीजे का फैसला बुनियादी तौर पर एक महत्वपूर्ण कदम है।

नई दिल्ली। जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के अंतरिम फैसले के बाद पाकिस्तान के इस रुख से अब सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान इस पर अमल करेगा और अगर पाकिस्तान आदेश पर अमल नहीं करता है तो फिर भारत के पास आगे क्या रास्ता बचेगा?

पाकिस्तान अगर कुलभूषण जाधव के बारे में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस(अाईसीजे) के फैसले को नहीं मानेगा तो भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यह मामला उठा सकता है। केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि जाधव को बचाने में आईसीजे का फैसला बुनियादी तौर पर एक महत्वपूर्ण कदम है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने आईसीजे का जजमेंट आने के बाद संवाददाताओं से कहा कि यह अस्थायी राहत जाधव के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में बुनियादी तौर पर एक महत्वपूर्ण कदम है। बागले ने कहा कि यह सबसे बड़ी अदालत का सर्वसम्मति से किया गया फैसला है। इस फैसले में भ्रम की कोई स्थिति नहीं है। यह साफ है कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं होता, तब तक जाधव सुरक्षित रहेंगे।

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बागले ने दावा किया कि इस आदेश ने पाकिस्तान पर यह कानूनी जिम्मेदारी डाल दी है कि वह अंतरराष्ट्रीय दायित्व का पालन करे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि पाकिस्तान में संबंधित अथॉरिटीज ने यह जजमेंट सुना होगा। यह बहुत राहत की बात है। विदेश मंत्री ने संसद को भरोसा दिया था कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी। उन्होंने यह आश्वासन दोहराया है। 

क्या कहता है यूएन चार्टर?
संयुक्त राष्ट्र का चार्टर कहता है कि संयुक्त राष्ट्र का हर सदस्य इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के फैसले का पालन करेगा और अगर कोई पक्ष अपने दायित्व पूरे करने में विफल रहे तो दूसरे पक्ष सुरक्षा परिषद के पास जा सकता है। चार्टर में कहा गया है कि सुरक्षा परिषद फैसले  को लागू करने के उपायों पर निर्णय कर सकती है।

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भारत के पास विकल्प
संयुक्त राष्ट्र के नियमों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के जानकार लोगों ने ईटी से कहा कि इस जजमेंट को उस तरह लागू नहीं कराया जा सकता है, जिस तरह देश की अदालतों के फैसले लागू कराए जा सकते हैं' लेकिन भारत पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाने की मांग कर सकता है।अगर पाकिस्तान अपनी मर्जी से चलना चाहे तो भारत यह मामला सुरक्षा परिषद में ले जा सकता है।

एक विशेषज्ञ ने कहा कि अगर पाकिस्तान कहे कि वह यूएन कोर्ट की रूलिंग को नहीं मानेगा तो भारत सिक्यॉरिटी काउंसिल में जा सकता है और आईसीजे के जजमेंट के उल्लंघन के लिए पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग कर सकता है।

पाकिस्तान का रुख
इस बीच पाकिस्तान ने कहा कि वह इस मामले को इसके 'अंजाम' तक पहुंचाएगा। पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल ए ए अली के कार्यालय ने कहा कि इस अंतरिम आदेश का आईसीजे के अंतिम फैसले से कोई लेना देना नहीं है।उसने एक बयान में कहा कि आईसीजे ने कहा है कि अस्थायी कदमों के तहत जाधव के मामले में यथास्थिति रहेगी। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि इस केस के मेरिट्स और जूरिस्डिक्शन के बारे में अंतिम निर्णय से इन अस्थायी कदमों का कोई लेना-देना नहीं है।

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Web Title:Kulbhushan jadhav case what if Pakistan refuses to follow ICJ order(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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