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चीन पर परोक्ष प्रहार, त्यौहारों में स्वदेशी के उपयोग की सलाह

Publish Date:Sun, 30 Jul 2017 07:49 PM (IST) | Updated Date:Sun, 30 Jul 2017 07:49 PM (IST)
चीन पर परोक्ष प्रहार, त्यौहारों में स्वदेशी के उपयोग की सलाहचीन पर परोक्ष प्रहार, त्यौहारों में स्वदेशी के उपयोग की सलाह
प्रधानमंत्री का कहना था कि त्यौहारों में मिट्टी की देश में बनी मूर्तियों और दीयों का इस्तेमाल करने से गरीबों का रोजगार मिलेगा।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। डोकलाम में तनातनी के बीच प्रधानमंत्री ने चीन पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए त्यौहारों में आम जनता से स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल की अपील है। इसके साथ ही उन्होंने 1942 के 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' की तर्ज पर गरीबी, आतंकवाद, गंदगी, सांप्रदायिकता और जातिवाद को उखाड़ फेकने का नारा दिया।

आम जनता से अपने 'मन की बात' करते हुए प्रधानमंत्री ने आम जनता को त्यौहारों के सामाजिक अर्थशास्त्र की जानकारी दी और इस अवसर पर स्वदेश निर्मित वस्तुओं के इस्तेमाल की अपील की। प्रधानमंत्री का कहना था कि त्यौहारों में मिट्टी की देश में बनी मूर्तियों और दीयों का इस्तेमाल करने से गरीबों का रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे हमारे त्यौहार सामाजिक के साथ-साथ आर्थिक त्यौहार भी बन जाएंगे। वैसे उन्होंने चीन का नाम नहीं लिया। लेकिन इशारा स्पष्ट था।

दीपाली और गणेशोत्सव जैसे त्यौहारों के दौरान देश में हजारों करोड़ रुपये सजावटी सामान से लेकर मूर्तियां तक चीन से आती है। इससे धीरे-धीरे इनका स्वदेशी उद्योग चौपट हो गया है। त्यौहार शुरू होने से कई महीना पहले अपील कर प्रधानमंत्री ने चीनी सामान बेचने वाले व्यापारियों को इससे बचने की परोक्ष चेतावनी दे दी। एक बार सामान आयात हो जाने के बाद नहीं बिकने की स्थिति में भी असली नुकसान यहां के व्यापारियों को ही होता।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर इस्तीफे के लिए नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ कर चुके प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' में साफ कर दिया कि आने वाले दिनों में भी उनकी सरकार के लिए यह अहम मुद्दा बना रहेगा। उन्होंने बताया कि जिस तरह से 1942 में महात्मा गांधी ने 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' का नारा दिया था और पांच साल के भीतर अंग्रेजों को जाना पड़ गया था। उसी तर्ज पर अब देश में 'भ्रष्टाचार भारत छोड़ो' के नारे के साथ आंदोलन की जरूरत है। उनका कहना था कि इसी तरह सांप्रदायिकता, गरीबी, आतंकवाद और जातिवाद के खिलाफ भी आंदोलन शुरू होना चाहिए।

आजादी की लड़ाई के ऐतिहासिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए प्रधानमत्री ने कहा कि जिस तरह से 1857 से शुरू हुई आजादी की लड़ाई के बाद 1942 में इसके लिए निर्णायक जंग का वक्त आया था। उसी तरह से आजादी के 70 साल बाद भ्रष्टाचार, जातिवाद, सांप्रदायिकता जैसी बुराईयों से भी अंतिम जंग का वक्त आ गया है। अगले पांच सालों तक इन बुराईयों के खिलाफ जंग के बाद ही देश को 2022 में आजादी की हीरक जयंती के समय तक हम देश को इनसे मुक्त कर सकेंगे।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने लोगों के सुझाव पर इस बार 15 अगस्त को लालकिले से अपने भाषण को छोटा रखने की कोशिश करने का वायदा किया। उन्होंने महिला विश्वकप के फाइनल तक पहुंचने वाली महिला टीम के साथ-साथ अन्य खेलों में सफलता का कीर्तिमान स्थापित करने के लिए महिला खिलाडि़यों की तारीफ की ।

 

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Web Title:Indirect attacks on China Advice for not to use china product(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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