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दलाई लामा पर तनातनी, चीन की धमकी दरकिनार कर भारत करेगा स्वागत

Publish Date:Fri, 03 Mar 2017 05:03 PM (IST) | Updated Date:Fri, 03 Mar 2017 10:52 PM (IST)
दलाई लामा पर तनातनी, चीन की धमकी दरकिनार कर भारत करेगा स्वागतदलाई लामा पर तनातनी, चीन की धमकी दरकिनार कर भारत करेगा स्वागत
इससे पहले चीन के एक पूर्व कूटनीतिज्ञ ने अरुणाचल का तवांग देकर अक्साई चिन लेने का सांकेतिक प्रस्ताव भी रखा।

बीजिंग, प्रेट्र/रायटर : तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के अप्रैल में अरुणाचल प्रदेश के दौरे को लेकर चीन ने भारत को आगाह किया है कि इससे द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर नुकसान होगा, साथ ही विवादित सीमा क्षेत्र की शांति को भी ख़तरा पैदा होगा। लेकिन भारत ने चीन की इस आपत्ति को दरकिनार करते हुए दलाई लामा के कार्यक्रम में कोई फेरबदल करने से इन्कार कर दिया है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि दलाई लामा धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जा रहे हैं। भारत के धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र होने की वजह से दलाई लामा उसके किसी भी हिस्से में जा सकते हैं। इससे पहले चीन के एक पूर्व कूटनीतिज्ञ ने भारत के समक्ष अरुणाचल का तवांग देकर अक्साई चिन लेने का सांकेतिक प्रस्ताव भी रखा।

चीनी विदेश विभाग के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने कहा, दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश जाने की अनुमति देने के भारत सरकार के फैसले से चीन चिंतित है। विवादित इलाके में दलाई लामा के दौरे को लेकर चीन को सख्त आपत्ति है। पूर्वी इलाके में स्थित इस विवादित क्षेत्र पर चीनी सरकार की स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। दलाई लामा लंबे समय से चीन विरोधी अलगाववाद की गतिविधियां चला रहे हैं। चीनी सीमा को लेकर उनका पक्ष अच्छा नहीं है।

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जेंग ने बताया कि जल्द ही औपचारिक तरीके से चीन की आपत्ति से भारतीय सरकार को अवगत करा दिया जाएगा। जेंग ने कहा, दलाई लामा से जुड़े मामलों की गंभीरता से भारत अच्छी तरह से वाकिफ है। चीन-भारत सीमा विवाद की संवेदनशीलता को भी वह जानता है। इसके बावजूद भारत अगर सीमावर्ती विवादित इलाके में दलाई लामा को जाने की अनुमति देता है तो क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए खतरनाक होगा। इसका दोनों देशों के संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा।

प्रवक्ता ने कहा कि हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह विवाद को और ज्यादा जटिल न बनाए। वह दोनों देशों के आगे बढ़ते संबंधों को बिगाड़ने का दलाई लामा को मौका न दे। उल्लेखनीय है कि चीन अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत का हिस्सा मानता है। इस लिहाज से वह वहां पर किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति के जाने पर आपत्ति जताता है।

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अक्साई चिन लेकर तवांग दे दो

चीन सरकार की ओर से यह बयान तब आया है जब सीमा विवाद पर चीन के पूर्व विशेष सचिव दाई बिंगुओ का साक्षात्कार सामने आया है। मीडिया को दिये साक्षात्कार में दाई ने कहा है कि भारत अगर अरुणाचल के तवांग इलाके को चीन को सौंप दे तो चीनी सरकार बदले में उसे अक्साई चिन का इलाका दे सकती है। उन्होंने इस लेन-देन को सीमा विवाद खत्म करने के लिए जरूरी बताया। विदेश विभाग के प्रवक्ता जेंग ने कहा, उन्होंने दाई का इंटरव्यू नहीं देखा है। लेकिन दोनों देशों के बीच सभी तरह के विवाद तभी खत्म हो सकते हैं जब आपसी हितों के मसलों पर समझ बनाकर चला जाए। 

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Web Title:India to host Dalai Lama in disputed territory defying China(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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