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कुलभूषण जाधव के जिंदा होने पर सस्पेंस, भारत ने जताई चिंता

Publish Date:Fri, 23 Jun 2017 08:01 PM (IST) | Updated Date:Sat, 24 Jun 2017 07:01 AM (IST)
कुलभूषण जाधव के जिंदा होने पर सस्पेंस, भारत ने जताई चिंताकुलभूषण जाधव के जिंदा होने पर सस्पेंस, भारत ने जताई चिंता
जाधव के गिरफ्तार होने की सूचना तब सार्वजनिक की गई जब पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को भारत एक के बाद एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में बेनकाब कर रहा था।

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को लेकर पाकिस्तान सेना जो चालें चल रही हैं उसे देखते हुए जाधव के जिंदा होने को लेकर भी शंका पैदा होने लगी है। खास तौर पर जिस तरह से पाकिस्तान सेना की तरफ से फांसी के खिलाफ जाधव की अपील को वहां की सैन्य अपीलीय अदालत से खारिज करने की बात बताई गई है उसको लेकर भारत सरकार की चिंताएं और बढ़ गई हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान जिस तरह से जाधव के मामले में गोपनीय तरीके से कदम उठा रहा है उसे देखते हुए उनका जिंदा होना भी संदेहास्पद लगता है।

दरअसल, पाकिस्तान शुरु से ही जाधव को लेकर बेहद संदेहास्पद तरीके से काम कर रहा है। जाधव के गिरफ्तार होने की सूचना तब सार्वजनिक की गई जब पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को भारत एक के बाद एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में बेनकाब कर रहा था। बाद में अप्रैल, 2017 मं अचानक ही उन्हें फांसी की सजा देने का ऐलान किया गया और यह बताया गया कि एक सैन्य अदालत ने उनका पक्ष सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है। इस सैन्य अदालत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में जब भारत इस मामले को ले गया तो पाकिस्तान के सुर वहां बदले हुए थे। उसने वहां बताया कि जाधव के पास अपील करने के सारे अधिकार है। अब गुरुवार अचानक ही बताया गया कि जाधव की क्षमा याचना को वहां की सैन्य अपीलीय अदालत ने ठुकरा दिया है और अब उन्होंने पाक सेना के प्रमुख के पास क्षमा याचना की याचिका दाखिल की है।

यही नहीं इस बीच भारत की तरफ से करीब बीस बार पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया गया कि जाधव को भारतीय राजनयिक से मिलने दिया जाए लेकिन बार बार आग्रह ठुकराया गया है। जाधव की मां की तरफ से बेटे से मिलने की ख्वाहिश जताई गई और वीजा के लिए आग्रह किया गया लेकिन उसे भी स्वीकार नहीं किया गया। भारत ने इस पर बेहद सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इससे साफ पता चलता है कि पाक इस मामले में कोई पारदर्शिता नहीं बरत रहा है। जाधव के खिलाफ बेबुनियाद व मनगढंत आरोप लगाये गये हैं। उनके कानूनी अधिकार का उल्लंघन किया जा रहा है और राजनयिक पहुंच मुहैया कराने के उनके अधिकार का भी पालन नहीं किया जा रहा है।

भारत ने पिछले हफ्ते भी राजनयिक पहुंच की मांग की थी। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) को भी नहीं बताया है कि जाधव ने क्षमा याचना की अपील की है और उसे खारिज किया गया है। यही नहीं जाधव के माता पिता की तरफ से अपील दायर करने की भी इजाजत दी जा रही है। उनके माता पिता ने पिछले हफ्ते ही वीसा के लिए नए सिरे से आवेदन किया है। इस सबके बावजूद पाकिस्तान सच को ज्यादा दिनों तक नहीं छिपा सकता है। पाकिस्तान इस सच्चाई को नहीं छिपा सकता कि वह जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा है। पाकिस्तान को अपने प्रोपागंडा के जरिए आईसीजे में चल रहे मामले को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: जाधव ने फांसी की सजा के खिलाफ दायर की दया याचिकाः पाकिस्तान

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Web Title:india expresses worries on kulbhushan jadhav(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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