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दो लाख से अधिक कंपनियों के रजिस्‍ट्रेशन रद करने की तैयारी में सरकार

Publish Date:Sat, 22 Apr 2017 05:40 AM (IST) | Updated Date:Sat, 22 Apr 2017 05:48 AM (IST)
दो लाख से अधिक कंपनियों के रजिस्‍ट्रेशन रद करने की तैयारी में सरकारदो लाख से अधिक कंपनियों के रजिस्‍ट्रेशन रद करने की तैयारी में सरकार
सरकार दो लाख से ज्यादा कंपनियों का पंजीकरण रद करने की तैयारी में है। इन कंपनियों में लंबे समय से कारोबार नहीं हो रहा हैं।

नई दिल्ली (पीटीआई)। सरकार दो लाख से ज्यादा कंपनियों का पंजीकरण रद करने की तैयारी में है। इन कंपनियों में लंबे समय से कारोबार नहीं हो रहा हैं। लगाने की चौतरफा कोशिशों के बीच इस दिशा में विचार हो रहा है। इस तरह की कंपनियों का इस्तेमाल मनी लांडिंग में किए जाने की आशंका रहती है। विभिन्न राज्यों में फैली दो लाख से ज्यादा कंपनियों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। इन कंपनियों से पूछा गया है कि क्यों लंबे समय से उनमें कोई ऑपरेशन या व्यावसायिक गतिविधि नहीं हो रही है।

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रलय की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब मुखौटा कंपनियों के खिलाफ सरकारी एजेंसियों की मुहिम ने रफ्तार पकड़ रखी है। मंत्रलय केपास उपलब्ध सूचना के अनुसार, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंपनी रजिस्ट्रार (आरओसी) ने कंपनी एक्ट, 2013 के तहत दो लाख से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं। कंपनियों को ये नोटिस एक्ट की धारा 248 के तहत जारी किए गए हैं। इसका क्रियान्वयन मंत्रलय करता है। यह धारा कुछ खास कारणों के आधार पर कंपनियों का पंजीकरण रद करने से जुड़ी है।

नोटिस के साथ संबंधित कंपनियों को अपनी स्थिति का विवरण देने को कहा गया है। अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो उनके नाम मंत्रालय हटा देगा। डाटा से पता चलता है कि आरओसी मुंबई ने 71,000 से अधिक कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। जबकि आरओसी दिल्ली ने 53,000 से ज्यादा फर्मो को नोटिस भेजे हैं। नियमों के मुताबिक, आरओसी एक कंपनी से पूछ सकता है कि क्या उसने पंजीकृत होने के एक वर्ष के भीतर व्यवसाय शुरू किया।

ऐसी कंपनियों को भी नोटिस जारी किया जाता है जिन्होंने निरंतर दो वित्तीय वर्षो तक कारोबार नहीं किया। न ही निष्क्रिय दर्जे के लिए आवेदन किया। कंपनियों को आपत्ति दर्ज करने के लिए 30 दिन मिलते हैं। अगर प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं है तो मंत्रलय के पास कंपनियों के रजिस्टर से ऐसे संस्थान का नाम हटाने का अधिकार है। इस महीने के शुरू में मंत्रलय ने कंपनी (कंपनियों के रजिस्टर से कंपनियों का नाम हटाना) नियमों में बदलाव किया था।

देश में 15 लाख से ज्यादा पंजीकृत कंपनियां हैं। सरकार ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए), कॉस्ट अकाउंटेंट और कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) के बीच कदाचार से निपटने को मौजूदा तंत्र की समीक्षा करने के लिए पैनल गठित किया है। हाल में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रलय ने सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी मीनाक्षी दत्त घोष की अगुआई में इस छह सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति को बनाया है।

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Web Title:Governmenttprepares to strike off registration of over two lakh firms(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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