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UP Election ResultS: बसपा की हार के लिए मायावती ने EVM को बताया जिम्मेदार

Publish Date:Sat, 11 Mar 2017 11:39 AM (IST) | Updated Date:Sat, 11 Mar 2017 03:15 PM (IST)
UP Election ResultS: बसपा की हार के लिए मायावती ने EVM को बताया जिम्मेदारUP Election ResultS: बसपा की हार के लिए मायावती ने EVM को बताया जिम्मेदार
मुस्लिम वोट बैंक यानि जो वोट बैंक मायावती का रहा वह अब खिसककर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में आया है।

नई दिल्ली, जेएनएन। यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में करारी हार के लिए बसपा प्रमुख मायावती ने वोटिंग मशीन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने चुनाव को रद करने की मांग की। मायावती ने कहा कि इस बात की रिपोर्ट मिल रही हैं कि मतदाताओं ने बसपा के प्रत्याशी को वोट दिया था, लेकिन वो मत भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में चले गए। मायावती ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और पीएम मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश में दोबारा चुनाव कराने के लिए  मुख्य निर्वाचन आयुक्त को अर्जी दें। ईवीएम और भाजपा पर बरसते हुए मायावती ने कहा कि मुस्लिम बहुल इलाकों में जिस तरह से परिणाम सामने आ रहे हैं, उससे इस बात की आशंका है कि ईवीएम में गड़बड़ी की गई थी। 

मायावती के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सच तो ये है कि मुस्लिम महिलाओं को वोट करने से रोका गया। अगर ऐसा नहीं हुआ होता जीत और बड़ी होती। यूपी के सीएम के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब उनकी भूमिका संपन्न हो चुकी है।

 उत्तर प्रदेश विधान चुनाव के परिणाम जहां भारी चौंकानेवाले और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में है तो वहीं दूसरी तरफ से इस चुनाव में बसपा प्रमुख मायावती की करारी शिकस्त ने कई क्षेत्रीय दलों की चिंताएं बढ़ाकर रख दी है। 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में मायावती सौ अंक का आंकड़ा भी नहीं छू पायी। जाहिर तौर पर पिछले पांच वर्षों से सत्ता से दूर मायावती की बहुजन पार्टी के भविष्य पर इस चुनाव ने सवाल खड़े कर दिये हैं।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की भारी जीत का एक बड़ा कारण दलित और मुस्लिम वोट बैंक यानि जो वोट बैंक मायावती का रहा वह अब खिसककर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में आया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण देवबंद की मुस्लिम बहुल सीट है जहां से भाजपा प्रत्याशी ब्रजेश सिंह ने चुनाव जीत लिया है।

बसपा सुप्रीमो मायावती और उनकी पार्टी के राजनीतिक भविष्य के बारे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चूंकि इससे पहले मायावती जब भी चुनाव हारीं तो वह राज्यसभा के जरिए सक्रिय राजनीति करती रही। लेकिन, इस बार वह राज्यसभा नहीं गई। लिहाजा, पार्टी की इस करारी हार ने ना सिर्फ मायावती को अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है बल्कि उन सभी क्षेत्रीय दलों के लिए एक ख़तरे की घंटी बजाकर रख दी है।

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Web Title:Defeat in UP vidhan Sabha Election has raised questions on Mayawati political career(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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