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भारत समर्थक प्रचंड से चिढ़ा चीन, रिश्तों में खटास के लिए माना जिम्मेदार

Publish Date:Wed, 22 Mar 2017 09:29 AM (IST) | Updated Date:Wed, 22 Mar 2017 12:23 PM (IST)
भारत समर्थक प्रचंड से चिढ़ा चीन, रिश्तों में खटास के लिए माना जिम्मेदारभारत समर्थक प्रचंड से चिढ़ा चीन, रिश्तों में खटास के लिए माना जिम्मेदार
चीन की सरकारी मीडिया ने नेपाल के पीएम प्रचंड की आलोचना करते हुए कहा है कि उनके 'भारत समर्थक' होने के कारण दोनों देशों के संबंध 'निचले स्तर' पर आ गए हैं।

बीजिंग (पीटीआई)। चीन को भारत और नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड की करीबी रास नहीं आ रही है। उसने कहा कि प्रचंड की भारत समर्थक नीतियों के कारण चीन और नेपाल के संबंध निचले स्तर पर आ गए हैं। उसने भारत पर श्रीलंका और भूटान के साथ संबंध कमजोर करने के भी आरोप लगाए गए हैं।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की यह टिप्पणी ऐसे वक्त में सामने आई है जब प्रचंड इसी हफ्ते चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। अखबार ने कहा है कि कुछ समय पहले तक प्रचंड और उनकी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल का चीन को लेकर दोस्ताना रुख था। लेकिन, पिछले साल अगस्त में दूसरी बार प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद वे दो बार भारत की यात्र कर चुके हैं। बीते नवंबर में उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का काठमांडू में गर्मजोशी से स्वागत किया था।
अखबार के मुताबिक, प्रचंड की भारत समर्थक विदेश नीति के कारण चीन-नेपाल के संबंध निचले स्तर पर चले गए हैं। नेपाल में चीन की परियोजनाओं में कोई ठोस प्रगति नहीं हो रही है। गौरतलब है कि प्रचंड 23 मार्च से चीन का पांच दिन का दौरा शुरू करेंगे। उनके चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की भी संभावना है।लेख में प्रचंड पर भारत और नेपाली कांग्रेस के प्रभाव में आकर पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार गिराने का भी आरोप लगाया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार ओली का प्रधानमंत्री पद से हटना चीन के लिए गहरी निराशा की बात थी। इससे तिब्बत के रास्ते नेपाल को अपने रेल एवं सड़क मार्ग से जोड़ने और हिमालयी देश में प्रभाव का विस्तार करने की योजना को लेकर झटका लगा था। उल्लेखनीय है कि नेपाल अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारत पर निर्भर करता है। भारत उसका स्वाभाविक और परंपरागत मित्र है। लेकिन, ओली के कार्यकाल में इस संबंध को नुकसान पहुंचा था। ग्लोबल टाइम्स ने साथ ही कहा है कि श्रीलंका और भूटान के साथ भी चीन की नजदीकी को भारत कमजोर करने में जुटा है।
चीन ने नई दिल्ली को हितों पर आंच पहुंचाने की स्थिति में जवाब देने की धमकी दी है। भारतीय मीडिया में चीन के रक्षा मंत्री चांग वानकुआंग की श्रीलंका और नेपाल यात्र की आलोचना की गई है। अखबार ने लिखा है, ‘यह भारत ही है जो दक्षिण एशिया और हिंद महासागर को अपनी जागीर मानता है। क्षेत्र में बीजिंग के बढ़ते प्रभाव पर उसकी बेचैनी स्वाभाविक है।’
चीन के सरकारी अखबार ने कहा है, ‘नई दिल्ली के कारण चीन और भूटान के बीच कूटनीतिक रिश्ता स्थापित नहीं हो सका है। चीन के खिलाफ भारत की सतर्क निगाह से श्रीलंका और नेपाल के साथ रिश्ता भी प्रभावित होता है। नई दिल्ली उनकी निष्पक्षता को प्रो-बीजिंग नीति मानता है। यदि यही रुख जारी रहा तो चीन को उसका जवाब देना होगा। क्योंकि भारत के इस रुख से चीन का हित प्रभावित होता है।’
 

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Web Title:Chinese media says China projects stuck due to Prachandas pro India policies(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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