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गोरखालैंड की आग को भड़काने के लिए भाजपा ने ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया

Publish Date:Mon, 12 Jun 2017 09:18 AM (IST) | Updated Date:Mon, 12 Jun 2017 01:01 PM (IST)
गोरखालैंड की आग को भड़काने के लिए भाजपा ने ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहरायागोरखालैंड की आग को भड़काने के लिए भाजपा ने ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया
पश्चिम बंगाल के बीजेपी प्रमुख दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि सरकार इस क्षेत्र मूल मुद्दों को सुलझाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाती है।

कोलकाता, एएनआइ। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक अलग 'गोरखालैंड' की मांगों पर चल रहे आंदोलन और प्रदेश में अशांति के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उनकी 'अर्थहीन राजनीति' ने स्थिति को बढ़ावा दिया है।

दरअसल, ममता बनर्जी द्वारा ने पिछले दिनों यह घोषणा की कि राज्‍य के सभी स्‍कूलों में दसवीं कक्षा तक बांग्‍ला भाषा को पढ़ाना अनिवार्य होगा। मुख्‍यमंत्री की इस घोषणा के बाद से ही दार्जिलिंग में विरोध शुरू हो गया। बीजेपी नेता राहुल सिन्हा ने कहा, 'सात साल तक कुछ भी नहीं हुआ। अब ममता बनर्जी लोगों पर बांग्ला भाषा को थोपना चाह रही हैं। इससे स्थिति बदतर हो गई है। उन्‍हें पश्चिम बंगाल के लोगों के जीवन में इस तरह हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और जनता से इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।'

इधर पश्चिम बंगाल के बीजेपी प्रमुख दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि सरकार इस क्षेत्र मूल मुद्दों को सुलझाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाती है। प्रदेश में हो रही ये हिंसा ममता द्वारा किया गया अनावश्‍यक हस्तक्षेप का नतीजा है। उन्‍होंने कहा, 'सरकार समस्या को सुलझाने में कोई दिलचस्पी नहीं करती है। यह सभी अर्थहीन हिंसा एक आम आदमी के जीवन में बाधा डाल रही है। यह सब जानबूझकर किया जा रहा है।'

बता दें कि ममता बनर्जी की सरकार चाहती है कि प्रदेश के सभी स्‍कूलों में 10वीं कक्षा तक बांग्‍ला भाषा पढ़ाई जाए, लेकिन गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जेजेएम) इसका विरोध कर रहा है। जीजेएम के कार्यकर्ताओं ने ममता के दार्जिलिंग के दौरे के विरोध में प्रदर्शन करते हुए पुलिस के साथ झगड़ा किया और पूरे राज्य में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को बुलाया गया।

रिपोर्टों के मुताबिक जीजेएम के नेतृत्व में विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी काफी उग्र हो गए, जिसके बाद उन्‍होंने कई पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया। इधर शुक्रवार को दार्जिलिंग में जीजेएम द्वारा बुलाए गए बंद के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें इसे 'असंवैधानिक और अवैध' घोषित किया गया था।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने जीजेएम विरोध को 'घृणित' बताया और शांति बनाए रखने के लिए इस क्षेत्र के लोगों से अपील की। इसके जवाब में, जीजेएम के अध्यक्ष बिमल गुरंग ने शनिवार को मुख्यमंत्री से कहा कि राज्य में 'विभाजनकारी' राजनीति में शामिल होने या इसे बढ़ावा न दें। गुरंग ने कहा, 'मैं ममता बनर्जी से अनुरोध करता हूं कि वह एक मुख्यमंत्री हैं और उन्हें विभाजनकारी राजनीति नहीं करना चाहिए। उनकी तानाशाही राजनीति को गिनीज बुक में एक जगह मिल जाएगी।'

गुरंग ने आश्वासन दिया कि जीजेएम केंद्र से बात करेगी, क्योंकि राज्य सरकार अपने राजनीतिक हितों के लिए गोरखालैंड को दबाने की कोशिश कर रही है।

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Web Title:BJP holds Mamata responsible for forced Gorkhaland unrest(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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