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तनख्वाह कम दी तो लगेगा 50 हजार रुपये जुर्माना, जाना पड़ सकता है जेल

Publish Date:Fri, 11 Aug 2017 09:18 AM (IST) | Updated Date:Fri, 11 Aug 2017 02:48 PM (IST)
तनख्वाह कम दी तो लगेगा 50 हजार रुपये जुर्माना, जाना पड़ सकता है जेलतनख्वाह कम दी तो लगेगा 50 हजार रुपये जुर्माना, जाना पड़ सकता है जेल
नियोक्ता के लिए नए बिल में राहत की केवल एक बात है कि वह श्रमिक की मजदूरी तभी काट सकता है जब वह ड्यूटी से गैरहाजिर रहा हो या फिर उसकी वजह से कोई नुकसान हुआ हो।

नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने गुरुवार को लेबर बिल लोकसभा में पेश किया। इसके जरिए असंगठित क्षेत्र में सभी श्रेणियों के 40 करो़ड़ से ज्यादा श्रमिकों के न्यूनतम मजदूरी तय करने का काम केंद्रीय स्तर पर किया जाएगा। श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने बताया कि नए बिल में 1936, 1948, 1965 व 1976 के एक्ट का विलय कर दिया जाएगा।

इस बिल का खास प्रावधान यह है कि किसी मजदूर को तनख्वाह कम दी गई तो उसके नियोक्ता पर 50 हजार रुपए जुर्माना लगेगा। पांच साल के दौरान ऐसा फिर किया तो 1 लाख जुर्माना या 3 माह की कैद या दोनों सजाएं एक साथ देने का प्रावधान भी है। हालांकि विपक्ष ने इस बात पर विरोध जताया कि सरकार ने अल्प सूचना पर बिल पेश कर दिया।उधर, श्रम मंत्री का कहना था कि अभी बिल पेश किया गया है, इस पर चर्चा बाद में होगी।

हर पांच साल में न्यूनतम मजदूरी की समीक्षा
न्यूनतम मजदूरी की समीक्षा हर पांच साल में विभिन्न मानकों को ध्यान में रखकर की जाएगी। इनका निर्धारण एक पैनल करेगा, जिसमें नियोक्ता, श्रमिकों के प्रतिनिधियों के अलावा स्वतंत्र लोग भी शामिल होंगे।

समय पर देनी होगी पगार
दिहाड़ी श्रमिकों को शिफ्ट समाप्त होने पर, साप्ताहिक श्रमिकों को सप्ताह के आखिरी कार्य दिवस तथा पाक्षिक श्रमिकों को कार्यदिवस समाप्ति के बाद दूसरे दिन भुगतान करना होगा। मासिक आधार वालों को अगले माह की सात तारीख तक वेतन देना होगा। श्रमिकों हटाने या बर्खास्त करने या उसके इस्तीफा देने पर पगार दो कार्यदिवस के भीतर देनी होगी।

चार कानूनों का विलय श्रम
मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने बताया कि नए बिल में 1936, 1948, 1965 व 1976 के एक्ट का विलय कर दिया जाएगा। इसमें जो प्रावधान हैं, उनसे किसी भी श्रमिक के अधिकारों का हनन नहीं हो पाएगा।

नियोक्ता के लिए ये राहत
नियोक्ता के लिए नए बिल में राहत की केवल एक बात है कि वह श्रमिक की मजदूरी तभी काट सकता है जब वह ड्यूटी से गैरहाजिर रहा हो या फिर उसकी वजह से कोई नुकसान हुआ हो। घर व अन्य सहूलियतें देने की एवज में भी तनख्वाह काटने का अधिकार नियोक्ता को है।

यह भी पढ़ें: कृषि मजदूरों को मिलती है कम मजदूरी

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Web Title:Bill to fix minimum wage for unorganised sector introduced in Lok Sabha(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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