PreviousNext

अब बंद करो निजी कॉलेजों की दुकान

Publish Date:Mon, 30 Apr 2012 09:47 AM (IST) | Updated Date:Mon, 30 Apr 2012 10:25 AM (IST)
अब बंद करो निजी कॉलेजों की दुकान

नई दिल्ली। देश में कुछ साल पहले तक तकनीकी शिक्षण संस्थान खोलने होड़ लगी थी और अब इन्हें बंद करने की इजाजत मांगने वालों की लाइन लगी है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद [एआइसीटीई] के पास देश भर के करीब 150 तकनीकी शिक्षण संस्थानों ने आवेदन किया है कि उन्हें अपनी 'दुकान' बंद करने की इजाजत दी जाए। ऐसा इसलिए उनके प्रबंधन और इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रमों के लिए छात्र ही नहीं मिल रहे हैं।

सरकार का कहना है कि एआइसीटीई को चौदह राज्यों से 143 शिक्षण संस्थानों ने अपने पाठ्यक्रम बंद करने की इजाजत मांगी है। ऐसा इस वजह से हुआ कि गुणवत्ता का ध्यान रखे बगैर देश भर में कुकुरमुत्तो की तरह तकनीकी शिक्षण संस्थान खुल गए। उदाहरण के तौर पर परिषद को अकेले आंध्र प्रदेश से ही 56 संस्थानों ने अपने पाठ्यक्रम बंद करने की इजाजत मांगी है। दो संस्थान तमिलनाडु के हैं और पांच कर्नाटक के। ये तीनों ऐसे राज्य हैं जिन्हें छात्र तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए अपना गंतव्य मानते थे।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस स्थिति का कारण इन तकनीकी शिक्षण संस्थानों में मांग से अधिक सीटें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अभाव होना है। जरूरत है कि संस्थान या तो स्तरीय शिक्षा दें या समाप्त हों। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि देश में पैंतीस सौ से अधिक प्रबंधन संस्थान और चार हजार से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज हैं।

एआइसीटीई का कहना है कि उसे मध्य प्रदेश से पांच, चंडीगढ़ से चार, पश्चिम बंगाल से दो और बिहार से एक कॉलेज से पाठ्यक्रम बंद करने का आवेदन मिला है। परिषद को राजस्थान से 18, उत्तर प्रदेश से 17 और गुजरात से भी 13 ऐसे आवेदन मिले हैं। इससे पता चलता है कि इन बड़े राज्यों में स्थित संस्थानों के लिए भी इन कोर्सो का संचालन करना मुश्किल हो रहा है। परिषद को पंजाब और हरियाणा से भी छह-छह आवेदन मिले हैं। इन सभी आवेदनों की जांच की जा रही है कि बंद करने के निर्णय में विसंगति तो नहीं है। पिछले हफ्ते लोकसभा में मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डी पुरंदेश्वरी ने बताया था कि इन संस्थानों को रियायती दर पर भूमि उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने यह भी कहा था संभवत: ऐसा इन संस्थानों में नामांकन लेने वाले छात्रों की कमी की वजह से हो रहा है।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर

मोबाइल पर भी अपनी पसंदीदा खबरें और मैच के Live स्कोर पाने के लिए जाएं m.jagran.com पर
Web Title:AICTE: private college appeal to close their course(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

कमेंट करें

नक्सलियों की मांगों पर कैबिनेट की बैठक आजडीएम को भी नहीं देख सके मध्यस्थ
यह भी देखें

अपनी प्रतिक्रिया दें

अपनी भाषा चुनें
English Hindi


Characters remaining

लॉग इन करें

निम्न जानकारी पूर्ण करें

Name:


Email:


Captcha:
+ =


 

    यह भी देखें
    Close