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72 साल बाद अमेरिकी सैनिकों के अवशेष की वतन वापसी

Publish Date:Wed, 13 Apr 2016 07:08 PM (IST) | Updated Date:Wed, 13 Apr 2016 07:57 PM (IST)
72 साल बाद अमेरिकी सैनिकों के अवशेष की वतन वापसी
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हादसे का शिकार हुए अमेरिकी बम वर्षक विमानों बी-24 और सी-109 का मलबा और अमेरिकी सैनिकों के अवशेष 72 साल बाद अमेरिका भेज दिए गए हैं।

नई दिल्ली,(पीटीआई)। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हादसे का शिकार हुए अमेरिकी बम वर्षक विमानों बी-24 और सी-109 का मलबा और अमेरिकी सैनिकों के अवशेष 72 साल बाद अमेरिका भेज दिए गए हैं। यह दोनों अमेरिकी विमान मौजूदा अरुणाचल प्रदेश में दुर्घटनाग्रस्त हुए थे।

तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने बुधवार को यहां हवाई अड्डे पर स्वदेश वापसी समारोह में हिस्सा लिया। कार्टर भारत की इस सहृदयता पर मंगलवार को ही रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के प्रति सद्भावना व्यक्त कर चुके हैं। दरअसल, अमेरिकी मलबे और सैनिकों के अवशेष का यह मुद्दा पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे के समय ही उठा था। जबकि पिछली यूपीए सरकार ने अमेरिकी सैनिकों के अवशेष तलाश कर सौंपने का काम तब रोक दिया था जब अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा जताने वाले चीन ने आपत्ति जताई थी। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने अमेरिका को नए सिरे से इसकी अनुमति दी।

उल्लेखनीय है कि 25 जनवरी 1944 में बी-24 अमेरिकी बमवर्षक विमान अचानक लापता हो गया था। 14वीं वायुसेना का यह विमान 8 वायुसैनिकों को लेकर अपने रुटीन अभियान चीन के कुमनिंग से भारत के चाबुआ जा रहा था। लेकिन 12 सितंबर से 17 नवंबर, 2015 तक अरुणाचल के इसी इलाके में सैनिकों के अवशेष के रूप में कुछ हड्डियां मिली थीं। इसके अलावा, सी-109 विमान 17 जुलाई, 1945 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे के वक्त यह जोरहाट से चीन के सिनचिंग जा रहा था। विमान में चार वायुसैनिक सवार थे। अमेरिका को वापस लौटाए गए सैनिकों के अवशेष संभवत: इसी विमान के हैं।

बताया जाता है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चीन-भारत-बर्मा की सीमा पर अमेरिकी वायुसेना के 500 से अधिक विमान अभी भी लापता बताए जाते हैं। लिहाजा, अमेरिकी निजी खोजकर्ता क्लेटन कुहल्स ने वर्ष 2006 में ही उत्तरी इटानगर, दक्षिणी वलांग, ऊपरी सियांग और कुछ अन्य स्थानों पर कई विमानों के मलबों की तलाश कर ली थी। लापता अफसरों के परिजनों का दबाव पड़ने पर वर्ष 2008 के अंत में संयुक्त अभियान के तहत इन सैनिकों के अवशेष निकाले गए थे।

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Web Title:after 72 years American soldiers remains back to america(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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