सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रुपये की कमजोरी से भरी टीसीएस की तिजोरी

By Edited By:
Published: Tue, 15 Oct 2013 09:50 PM (IST)Updated: Mon, 30 Mar 2015 06:40 PM (IST)

नई दिल्ली। देश की दिग्गज आइटी फर्म टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज [टीसीएस] को रुपये की कमजोरी ने मुनाफे और आय के ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। देश की दिग्गज आइटी फर्म टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज [टीसीएस] को रुपये की कमजोरी ने मुनाफे और आय के मामले में दमदार बना दिया। इसके अलावा बड़े सौदे मिलने से टीसीएस ने चालू वित्त वर्ष 2013-14 की दूसरी तिमाही के दौरान अपने शुद्ध लाभ में 34 फीसद का जोरदार इजाफा दिखाया है। इससे जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 4,702 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 3,512 करोड़ रुपये था।

बीती तिमाही में कंपनी ने आठ बड़े सौदे हासिल किए। साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में 13 फीसद की कमी से भी कंपनी को खासा लाभ हुआ है। इसकी वजह से कंपनी की आमदनी भी 34.3 फीसद की उछलकर 20,977.24 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी की आय 15,620.75 करोड़ रुपये रही थी। डॉलर मूल्यों में कंपनी का मुनाफा 16.4 फीसद बढ़कर 74.8 करोड़ डॉलर हो गया। इसी तरह आय 17 फीसद बढ़कर 3.34 अरब डॉलर हो गई।

टीसीएस के सीईओ एवं एमडी एन चंद्रशेखरन ने कहा कि सभी प्रमुख बाजारों में मांग मजबूत बनी रहने के आसार हैं। अपनी दक्षता और बेहतर क्रियान्वयन के जरिये सभी बजारों और उद्योग क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने बीती तिमाही में 10 करोड़ डॉलर के कारोबार वाले तीन नए ग्राहक जोड़े। इसके अलावा कंपनी ने 7,664 नए कर्मचारियों की भर्ती की। इससे कंपनी में कर्मचारियों की कुल संख्या बढ़कर 2,85,250 हो गई।

टीसीएस के सीएफओ राजेश गोपीनाथन ने कहा कि कारोबार में वृद्धि, विनिमय दरों में सकारात्मक बदलाव और सौदों के क्रियान्वयन में तेजी के चलते कंपनी ने उद्योग में सबसे ज्यादा मार्जिन हासिल किया है। बीती तिमाही में आइटी कंपनियों ने दुनियाभर से रिकॉर्ड सौदे हथियाए हैं। अमेरिकी कंपनियां आइटी क्षेत्र पर अपना खर्च बढ़ा रही हैं। साथ ही यूरोपीय कंपनियां खर्च घटाने के लिए आउटसोर्सिग बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। कंपनी को इसका भरपूर फायदा मिला है।