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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सेबी ने विजय माल्या की जांच का दायरा बढ़ाया

By Sachin MishraEdited By:
Published: Sun, 08 May 2016 09:54 PM (IST)Updated: Sun, 08 May 2016 10:03 PM (IST)

सेबी ने विजय माल्या के यूबी ग्रुप की विभिन्न लिस्टेड कंपनियों के वित्तीय लेनदेन में गंभीर गड़बडि़यों के संदेह के चलते अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

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नई दिल्ली, प्रेट्र। मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने विजय माल्या के यूबी ग्रुप की विभिन्न लिस्टेड कंपनियों के वित्तीय लेनदेन में गंभीर गड़बडि़यों के संदेह के चलते अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सेबी को कंपनियों के प्रमोटरों द्वारा गलत तरीके से कंपनियों से पैसा निकाले जाने का शक है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसकी जानकारी कंपनी मामलों के मंत्रालय और कंपनियों मे फ्रॉड की जांच करने वाले एसएफआइओ (सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टीगेशन ऑफिस) समेत सभी संबंधित सरकारी एजेंसियों और विभागों को भी दे दी गई है। सेबी कंपनियों की सूचनाएं सार्वजनिक करने के कड़े नियमों और शेयर बाजार के लिए निर्धारित दूसरे नियमों के उल्लंघन की जांच कर रहा है।

वह प्रमोटरों और उनसे जुड़ी पार्टियों के बीच इनसाइडर डीलिंग की भी जांच करेगा। छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए और अनुचित व्यापार और जालसाजी रोकने के लिए निर्धारित प्रावधानों के संभावित उल्लंघन की भी जांच की जा रही है।

फोरेंसिक ऑडिट में पता चला है कि मेंगलोर केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स द्वारा दिए गए कर्ज और निवेश में अनियमितता और गड़बड़ी रही है। इस कंपनी में माल्या का यूबी ग्रुप प्रमोटर की हैसियत में है। जबकि जुआरी अपनी एक अन्य कंपनी के पक्ष में इसकी नियंत्रणकारी हिस्सेदारी खरीदी है। अधिकारी के अनुसार इसके चलते ग्रुप की दूसरी कंपनियों के साथ उनके प्रमोटरों के वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।

जुआरी फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लि. ने पिछले साल काफी मशक्कत के बाद माल्या से मेंगलोर केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लि. (एमसीएफएल) को हासिल किया था। मैंगलोर केमिकल्स के निदेशक मंडल ने एमसीएफएल द्वारा बेंगलोर बेवरीजेज लि. में 200 करोड़ रुपये के निवेश की फोरेंसिक जांच के लिए ऑडिट फर्म अं‌र्स्ट एंड यंग को नियुक्त किया था।

इस जांच में ऑडिटरों से कहा गया था कि एमसीएफएल द्वारा माल्या की प्लैगशिप कंपनी युनाइटेड ब्रूवरीज (होल्डिंग्स) लि. (यूबीएचएल) को तमाम कर्ज दिए जाने की भी जांच करने को कहा गया था। 31 मार्च 2016 को 16.68 करोड़ रुपये कर्ज बाकी था। बेंगलोर बेवरीजेज यूबीएचएल की स्टेप डाउन सहायक कंपनी है और पैसे की किल्लत झेल रही है।

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